Previous Year Question
निरपेक्ष तथा प्रति व्यक्ति वास्तविक GNP में वृद्धि आर्थिक विकास के उच्चतर स्तर का संकेत नहीं करती, यदि
औद्योगिक उत्पादन कृषि उत्पादन के साथ तालमेल बनाए रखने में विफल रहता है
कृषि उत्पादन औद्योगिक उत्पादन के साथ तालमेल बनाए रखने में विफल रहता है
निर्धनता और बेरोजगारी बढ़ती है
आयात, निर्यात की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ते हैं
Correct Answer: C
Detailed Solution
वास्तविक सकल राष्ट्रीय उत्पाद—Real GNP—देश के निवासियों द्वारा एक निश्चित अवधि में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मुद्रास्फीति-समायोजित मूल्य को दर्शाता है। इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय भी सम्मिलित होती है।
GNP = GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय
Real GNP और Per Capita Real GNP में वृद्धि मुख्यतः अर्थव्यवस्था में होने वाली मात्रात्मक वृद्धि को दिखाती है। इसके विपरीत, Economic Development अधिक व्यापक अवधारणा है। इसमें आय एवं उत्पादन की वृद्धि के साथ रोजगार, गरीबी, आय-वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर में सुधार भी शामिल होता है।
यदि Real GNP बढ़ रहा है, लेकिन साथ-साथ गरीबी और बेरोजगारी भी बढ़ रही है, तो वृद्धि का लाभ समाज के बड़े भाग तक नहीं पहुँच रहा है। ऐसा निम्नलिखित परिस्थितियों में हो सकता है:
वृद्धि Capital-intensive क्षेत्रों तक सीमित हो और पर्याप्त रोजगार उत्पन्न न करे।
आय और परिसंपत्तियों का वितरण अधिक असमान हो जाए।
उत्पादन एवं लाभ में वृद्धि का बड़ा भाग सीमित जनसमूह को प्राप्त हो।
जनसंख्या के कमजोर वर्गों की वास्तविक आय या उपभोग में सुधार न हो।
इस स्थिति को Jobless Growth अथवा Non-inclusive Growth से जोड़ा जा सकता है। अतः केवल GNP में वृद्धि को उच्च आर्थिक विकास का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
विकल्पों का परीक्षण:
(a) औद्योगिक उत्पादन का पीछे रहना: यह संरचनात्मक असंतुलन दिखा सकता है, लेकिन इससे अनिवार्य रूप से यह सिद्ध नहीं होता कि आर्थिक विकास नहीं हुआ।
(b) कृषि उत्पादन का पीछे रहना: इससे खाद्य-मुद्रास्फीति अथवा ग्रामीण आय प्रभावित हो सकती है, परंतु प्रश्न में आर्थिक विकास के अभाव का सबसे प्रत्यक्ष संकेत नहीं है।
(c) गरीबी और बेरोजगारी बढ़ना: यह दर्शाता है कि आर्थिक वृद्धि मानव कल्याण और रोजगार में परिवर्तित नहीं हुई। इसलिए यह सही उत्तर है।
(d) आयात का निर्यात से अधिक तेजी से बढ़ना: इससे Trade Deficit बढ़ सकता है, लेकिन यदि आयात में मशीनरी, तकनीक और Capital Goods शामिल हैं, तो वे भविष्य की उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं। इसलिए यह अपने-आप में विकास के अभाव का निर्णायक प्रमाण नहीं है।