Previous Year Question
भारत में किसी दिए गए वर्ष में, कुछ राज्यों में आधिकारिक गरीबी रेखाएँ अन्य राज्यों की तुलना में उच्चतर होती हैं, क्योंकि
गरीबी की दर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होती है
कीमत-स्तर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है
सकल राज्य उत्पाद अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है
सार्वजनिक वितरण की गुणवत्ता अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होती है
Correct Answer: B
Detailed Solution
गरीबी रेखा उस न्यूनतम मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (Monthly Per Capital Consumption Expenditure—MPCE) को दर्शाती है, जो निर्धारित आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के उपभोग के लिए जरूरी माना जाता है।
एक ही वस्तु एवं सेवा समूह की लागत प्रत्येक राज्य में समान नहीं होती। भोजन, कपड़े, आवास, ईंधन, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतें राज्यों के बीच अलग-अलग होती हैं। इसलिए समान वास्तविक उपभोग-स्तर प्राप्त करने के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग धनराशि की आवश्यकता पड़ती है।
तेंदुलकर समिति की पद्धति में राज्य-विशिष्ट ग्रामीण एवं शहरी गरीबी रेखाएँ निर्धारित करने के लिए संबंधित Price Indices का उपयोग किया गया था। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए CPI-AL तथा शहरी क्षेत्रों के लिए CPI-IW से प्राप्त मूल्य-सूचनाओं का प्रयोग किया गया। इस प्रकार जिस राज्य में उपभोग की निर्धारित टोकरी अपेक्षाकृत महँगी होगी, वहाँ मौद्रिक रूप में गरीबी रेखा भी अपेक्षाकृत ऊँची होगी।
Planning Commission के 2011-12 के आकलन में अखिल भारतीय गरीबी रेखा लगभग:
ग्रामीण क्षेत्र—₹816 प्रति व्यक्ति प्रतिमाह अर्थात लगभग ₹27.20 प्रतिदिन।
शहरी क्षेत्र—₹1,000 प्रति व्यक्ति प्रतिमाह अर्थात लगभग ₹33.33 प्रतिदिन।
ये अखिल भारतीय स्तर के आँकड़े थे; राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखाएँ वहाँ के मूल्य-अंतर के कारण इनसे अलग हो सकती थीं।
विकल्पों का परीक्षण:
(a) गरीबी दर: गरीबी दर बताती है कि कितने प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। यह गरीबी रेखा से निकाला गया परिणाम है, गरीबी रेखा अलग होने का कारण नहीं।
(b) कीमत-स्तर: अलग-अलग राज्यों में समान Consumption Basket की लागत अलग होती है। इसलिए यही सही कारण है।
(c) सकल राज्य उत्पाद: अधिक या कम GSDP किसी राज्य की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन आधिकारिक गरीबी रेखा प्रत्यक्ष रूप से GSDP के आधार पर निर्धारित नहीं होती।
(d) सार्वजनिक वितरण की गुणवत्ता: PDS की गुणवत्ता परिवार की खाद्य-सुरक्षा और वास्तविक व्यय को प्रभावित कर सकती है, लेकिन राज्यों की गरीबी रेखाओं में मौद्रिक अंतर का मूल आधार Price Differential है।