Previous Year Question
मुद्रास्फीति की दर में तीव्र वृद्धि को कभी-कभी ‘आधार प्रभाव’ के कारण बताया जाता है। ‘आधार प्रभाव’ क्या है?
यह फसलों की विफलता के कारण आपूर्ति में आई अत्यधिक कमी का प्रभाव है।
यह तीव्र आर्थिक वृद्धि के कारण माँग में आई वृद्धि का प्रभाव है।
यह मुद्रास्फीति की दर की गणना पर पिछले वर्ष के मूल्य-स्तर का प्रभाव है।
इस संदर्भ में उपर्युक्त कथनों (a), (b) और (c) में से कोई भी सही नहीं है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
Base Effect एक सांख्यिकीय प्रभाव है, जो इसलिए उत्पन्न होता है क्योंकि वर्तमान अवधि की inflation rate की गणना पिछली अवधि के Price Index को आधार बनाकर की जाती है।
Year-on-Year inflation का सामान्य सूत्र है:
इसलिए वर्तमान Price Index समान रहने पर भी पिछले वर्ष के आधार का स्तर बदलने से गणना की गई inflation rate बदल सकती है।
Low Base Effect का उदाहरण
मान लीजिए पिछले वर्ष Price Index असामान्य रूप से कम 95 था और वर्तमान वर्ष में यह 110 है:
यदि पिछले वर्ष का Price Index सामान्य स्तर पर 100 होता, तो उसी वर्तमान Index 110 पर:
वर्तमान Price Index दोनों उदाहरणों में 110 है, लेकिन पिछले वर्ष का आधार कम होने पर calculated inflation अधिक दिखाई देती है। इसे Low Base Effect कहते हैं।
High Base Effect
यदि पिछले वर्ष कीमतों में असामान्य वृद्धि के कारण Price Index बहुत ऊँचा था, तो वर्तमान वर्ष में कीमतें ऊँची बनी रहने के बावजूद Year-on-Year inflation कम दिखाई दे सकती है।
उदाहरण:
इसका अर्थ यह नहीं है कि वस्तुएँ सस्ती हो गई हैं। केवल कीमतों की वृद्धि-दर कम हुई है।
Inflation, Disinflation और Deflation का अंतर
Inflation: सामान्य मूल्य-स्तर बढ़ रहा है।
Disinflation: कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन उनकी वृद्धि-दर कम हो गई है।
Deflation: सामान्य मूल्य-स्तर वास्तव में घट रहा है।
Base Effect के कारण inflation rate कम होने पर उसे स्वतः Deflation नहीं कहा जा सकता।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
फसल विफल होने से supply-side inflation और तीव्र आर्थिक वृद्धि से demand-pull inflation हो सकती है। लेकिन ये inflation के वास्तविक आर्थिक कारण हैं, Base Effect की परिभाषा नहीं।
Base Effect वर्तमान माँग या आपूर्ति में परिवर्तन के बजाय comparison base के प्रभाव को बताता है।