JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2013

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा एक, अपने प्रभाव में, सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक हो सकता है?

A.

सार्वजनिक ऋण की चुकौती

B.

बजट घाटे के वित्तपोषण के लिए जनता से उधार लेना

C.

बजट घाटे के वित्तपोषण के लिए बैंकों से उधार लेना

D.

बजट घाटे के वित्तपोषण के लिए नई मुद्रा का सृजन करना

Correct Answer: D

Detailed Solution

Budget Deficit को वित्तपोषित करने के विभिन्न तरीकों का मुद्रास्फीति पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उनसे अर्थव्यवस्था में नया Money Supply उत्पन्न होता है या केवल पहले से उपलब्ध purchasing power एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित होती है।

विकल्प (d) सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक है

जब सरकार के घाटे को पूरा करने के लिए Central Bank नई मुद्रा अथवा Reserve Money का निर्माण करता है, तो इसे Monetisation of Deficit कहा जाता है।

इस प्रक्रिया में:

सरकार Central Bank को प्रतिभूतियाँ जारी कर सकती है।

Central Bank उन प्रतिभूतियों के बदले सरकार को नया धन उपलब्ध कराता है।

Government Expenditure द्वारा यह धन अर्थव्यवस्था में प्रवेश करता है।

Banking Multiplier के माध्यम से Broad Money पर भी अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।

यदि अतिरिक्त Money Supply के समान अनुपात में वस्तुओं और सेवाओं का वास्तविक उत्पादन नहीं बढ़ता, तो अधिक मुद्रा सीमित उत्पादन का पीछा करती है और सामान्य मूल्य-स्तर बढ़ सकता है।

इसे Quantity Equation से समझा जा सकता है:

MV = PY

जहाँ:

M = Money Supply

V = Velocity of Money

P = Price Level

Y = Real Output

यदि Vअपेक्षाकृत स्थिर है और Mकी वृद्धि Yसे अधिक है, तो उसका बड़ा भाग P, अर्थात् price level में वृद्धि के रूप में दिखाई दे सकता है।

इसलिए नए धन के सृजन द्वारा घाटे का वित्तपोषण सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से inflationary होता है।

विकल्प (a): सार्वजनिक ऋण की चुकौती

सरकार जब जनता या संस्थाओं को पुराने ऋण का मूलधन लौटाती है, तो उनके पास liquidity बढ़ती है। यदि प्राप्त धन तुरंत खर्च किया जाए तो aggregate demand बढ़ सकती है।

लेकिन यह नई मुद्रा का सृजन आवश्यक रूप से नहीं है। सरकार repayment के लिए:

Tax Revenue,

नए market borrowings, अथवा

उपलब्ध cash balances

का प्रयोग कर सकती है। इसलिए इसका मुद्रास्फीतिक प्रभाव financing source पर निर्भर करेगा।

विकल्प (b): जनता से उधार लेना

सरकार जब जनता को bonds या securities बेचकर धन लेती है, तो purchasing power जनता से सरकार के पास स्थानांतरित होती है।

इसमें सामान्यतः:

तत्काल नया Money Supply उत्पन्न नहीं होता;

निजी क्षेत्र की खर्च या निवेश क्षमता घट सकती है; और

Government Borrowing से market interest rates पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है।

इसे Crowding Out कहा जा सकता है। इसलिए यह नई मुद्रा बनाने की तुलना में कम inflationary है।

विकल्प (c): बैंकों से उधार लेना

बैंकों से सरकारी उधारी का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि बैंक:

पहले से उपलब्ध deposits और liquidity का उपयोग करते हैं; अथवा

अतिरिक्त Central Bank liquidity के आधार पर credit creation करते हैं।

Bank borrowing Money Supply और liquidity को प्रभावित कर सकती है, लेकिन इसका प्रभाव सामान्यतः सीधे नए High-Powered Money के निर्माण जितना तीव्र नहीं माना जाता।

निष्कर्ष

चारों विकल्पों में नई मुद्रा बनाकर Budget Deficit का वित्तपोषण अर्थव्यवस्था की nominal purchasing power को सबसे सीधे बढ़ाता है। इसलिए विकल्प (d) सर्वाधिक मुद्रास्फीतिकारक है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.