JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2014

Previous Year Question

भारत में घाटे की वित्त-व्यवस्था का उपयोग किसके लिए संसाधन जुटाने हेतु किया जाता है?

A.

आर्थिक विकास

B.

सार्वजनिक ऋण का मोचन

C.

भुगतान संतुलन का समायोजन

D.

विदेशी ऋण को कम करना

Correct Answer: A

Detailed Solution

जब सरकार का कुल व्यय उसकी उपलब्ध गैर-ऋण प्राप्तियों से अधिक होता है, तो उस अंतर को पूरा करने के लिए उधारी अथवा अन्य वित्तीय साधनों का प्रयोग किया जाता है। इसे व्यापक अर्थ में Deficit Financing से जोड़ा जाता है।

Fiscal Deficit का सूत्र है:

Fiscal Deficit = Total Expenditure - Revenue Receipts - Non-debt Capital Receipts

Fiscal Deficit सरकार की कुल borrowing requirement को दर्शाता है।

विकल्प (a) सही है

भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था में सरकार को निम्न क्षेत्रों में बड़े निवेश की आवश्यकता होती है:

  • सड़क, रेल, बंदरगाह और ऊर्जा

  • सिंचाई एवं कृषि अवसंरचना

  • शिक्षा और स्वास्थ्य

  • औद्योगिकीकरण

  • रोजगार-सृजन

  • सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना

जब Tax और Non-tax Revenue इन विकासात्मक आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त नहीं होते, तब सरकार उधारी अथवा deficit financing द्वारा अतिरिक्त संसाधन जुटाती है।

यदि उधार ली गई राशि का उपयोग productive capital expenditure में किया जाए, तो उससे भविष्य में:

  • अर्थव्यवस्था की productive capacity बढ़ सकती है।

  • Private Investment को crowd-in किया जा सकता है।

  • रोजगार और आय में वृद्धि हो सकती है।

  • भविष्य का Tax Base बढ़ सकता है।

इसलिए भारत में Deficit Financing का प्रमुख उद्देश्य Economic Development के लिए संसाधन जुटाना रहा है।

विकल्प (b) गलत है

Public Debt Redemption का अर्थ पुराने सरकारी ऋण का मूलधन लौटाना है। Deficit Financing सामान्यतः नई borrowing या liabilities उत्पन्न करता है।

यदि सरकार नया ऋण लेकर पुराना ऋण चुकाती है, तो इसे debt rollover अथवा refinancing कहा जा सकता है; इससे कुल विकासात्मक संसाधन आवश्यक रूप से नहीं बढ़ते और ऋण की मूल समस्या समाप्त नहीं होती।

अतः Deficit Financing का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक ऋण का मोचन नहीं है।

विकल्प (c) गलत है

Balance of Payments देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच होने वाले आर्थिक लेन-देन का लेखा है। इसके असंतुलन को सुधारने के उपायों में सम्मिलित हो सकते हैं:

  • Exports को बढ़ाना

  • Imports को नियंत्रित करना

  • Capital inflows आकर्षित करना

  • Exchange-rate adjustment

  • Forex Reserves का उपयोग

घरेलू Budget Deficit का financing अपने-आप Balance of Payments को समायोजित नहीं करता। उलटे, यदि deficit के कारण imports बढ़ें, तो external deficit पर दबाव बढ़ सकता है।

विकल्प (d) गलत है

Deficit Financing का उद्देश्य विदेशी ऋण कम करना नहीं है। सरकार घरेलू अथवा बाहरी स्रोतों से ऋण ले सकती है। इसलिए घाटे का वित्तपोषण कुछ परिस्थितियों में कुल public liabilities बढ़ा सकता है।

Monetised Deficit से संबंधित तथ्य

Deficit को सीधे Central Bank से धन लेकर या नए reserve money के निर्माण द्वारा वित्तपोषित किया जाए, तो इसे Monetisation of Deficit कहा जाता है।

यदि money supply उत्पादन की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ती है, तो इससे inflationary pressure उत्पन्न हो सकता है। इसलिए:

  • productive Capital Expenditure के लिए नियंत्रित borrowing,

  • debt sustainability, और

  • Fiscal Deficit की सीमा

महत्त्वपूर्ण हैं।

भारत में automatic monetisation के लिए प्रयुक्त ad hoc Treasury Bills की व्यवस्था 1997 में समाप्त कर दी गई और इसके स्थान पर Ways and Means Advances—WMA व्यवस्था अपनाई गई।

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