Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) समीक्षा समिति की रिपोर्ट में वर्ष 2023 तक सामान्य (संयुक्त) सरकार के लिए ऋण-GDP अनुपात 60% रखने की संस्तुति की गई है, जिसमें केंद्र सरकार के लिए 40% और राज्य सरकारों के लिए 20% होगा।
केंद्र सरकार के घरेलू दायित्व GDP के 21% हैं, जबकि राज्य सरकारों के घरेलू दायित्व GDP के 49% हैं।
भारत के संविधान के अनुसार, यदि किसी राज्य पर केंद्र सरकार की कोई देयता बकाया है, तो उस राज्य के लिए कोई भी ऋण लेने से पहले केंद्र सरकार की सहमति लेना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है
एन. के. सिंह की अध्यक्षता वाली FRBM Review Committee ने सामान्य सरकार अर्थात् केंद्र और राज्यों के संयुक्त ऋण के लिए वर्ष 2023 तक Debt-to-GDP ratio 60% करने की संस्तुति की थी।
इस 60% की संरचना थी:
सरकार | संस्तुत Debt-to-GDP ratio |
केंद्र सरकार | 40% |
सभी राज्य सरकारें | 20% |
सामान्य/संयुक्त सरकार | 60% |
समिति ने Fiscal Deficit के लिए भी GDP के 3% को प्रमुख operational target के रूप में स्वीकार करने की संस्तुति की थी। Debt-to-GDP ratio को medium-term fiscal policy का प्रमुख आधार माना गया था।
अतः कथन 1 सही है।
कथन 2 गलत है
कथन में केंद्र और राज्यों के आँकड़ों को उलट दिया गया है।
समिति के समय केंद्र सरकार की liabilities लगभग 49% से 49.4% of GDP थीं, जबकि राज्यों की संयुक्त liabilities लगभग 21% of GDP थीं।
लेकिन कथन कहता है:
केंद्र सरकार की liabilities केवल 21% हैं; और
राज्य सरकारों की liabilities 49% हैं।
इसलिए कथन 2 गलत है।
कथन 3 सही है
राज्यों की उधारी से संबंधित व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 293 में दी गई है।
अनुच्छेद 293(3) के अनुसार कोई राज्य भारत सरकार की सहमति के बिना ऋण नहीं ले सकता, यदि:
भारत सरकार द्वारा उस राज्य को दिए गए किसी ऋण का कोई भाग अभी बकाया है; अथवा
भारत सरकार या उसकी पूर्ववर्ती सरकार ने उस ऋण के संबंध में guarantee दी हुई है।
अनुच्छेद 293(4) केंद्र सरकार को ऐसी सहमति देते समय शर्तें लगाने की अनुमति देता है।
ध्यान रहे कि प्रत्येक परिस्थिति में राज्य को केंद्र की अनुमति लेना आवश्यक नहीं होता। यह अनिवार्यता विशेष रूप से तब उत्पन्न होती है जब राज्य पर केंद्र का ऋण या केंद्र द्वारा guaranteed liability बकाया हो।