Previous Year Question
भारत में, निम्नलिखित में से कौन-सा मुद्रास्फीति को नियंत्रित कर कीमत स्थिरता बनाए रखने के लिए उत्तरदायी है?
उपभोक्ता मामले विभाग
व्यय प्रबंधन आयोग
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद
भारतीय रिज़र्व बैंक
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत भारत में Monetary Policy संचालित करने तथा अर्थव्यवस्था में Price Stability बनाए रखने का प्रमुख वैधानिक उत्तरदायित्व RBI का है।
वर्ष 2016 में RBI Act में संशोधन करके भारत में Flexible Inflation Targeting Framework और वैधानिक Monetary Policy Committee स्थापित की गई। इस व्यवस्था के अंतर्गत Monetary Policy का प्राथमिक उद्देश्य:
वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कीमत स्थिरता बनाए रखना है।
मुद्रास्फीति का लक्ष्य
वर्ष 2022 में लागू व्यवस्था के अनुसार Central Government ने RBI के परामर्श से All-India Consumer Price Index आधारित Inflation Target निम्न प्रकार निर्धारित किया था:
संकेतक | निर्धारित सीमा |
मध्यवर्ती Inflation Target | 4% |
ऊपरी सहन-सीमा | 6% |
निचली सहन-सीमा | 2% |
लागू अवधि | अप्रैल 2021 से मार्च 2026 |
इसलिए 4% लक्ष्य का अर्थ यह नहीं था कि Inflation प्रत्येक महीने ठीक 4% ही रहे। RBI को 2-6% का Tolerance Band दिया गया था।
RBI मुद्रास्फीति को कैसे नियंत्रित करता है?
यदि Aggregate Demand बहुत तेजी से बढ़ रही हो और Inflation ऊँची हो, तो RBI निम्नलिखित Monetary Policy measures अपना सकता है:
Policy Repo Rate बढ़ाना;
System Liquidity को कम करना;
Open Market Operations के माध्यम से Government Securities बेचना;
आवश्यकता पड़ने पर CRR जैसे Reserve Requirements बदलना;
Monetary-policy communication द्वारा Inflation Expectations को नियंत्रित करना।
Policy Repo Rate बढ़ने पर Money Market Rates और Banks की Lending Rates बढ़ सकती हैं। इससे Housing, Vehicles, Consumer Durables और Business Investment के लिए Credit महँगा होता है। Consumption तथा Investment की वृद्धि धीमी होने पर Aggregate Demand और Demand-side Inflationary Pressure कम हो सकते हैं।
इस Transmission को सरल रूप में समझा जा सकता है:
Repo Rate↑ ⇒ Lending Rates↑ ⇒ Borrowing↓ ⇒ Demand↓ ⇒ Inflationary Pressure↓
Monetary Policy खाद्य की कमी, खराब मानसून या Crude-oil Supply Shock को सीधे समाप्त नहीं कर सकती। लेकिन वह Supply Shock के कारण उत्पन्न Inflation को व्यापक और स्थायी होने से रोक सकती है तथा Wage-price spiral और Inflation Expectations को नियंत्रित कर सकती है।
Monetary Policy Committee
MPC में कुल 6 सदस्य होते हैं:
RBI Governor;
Monetary Policy से संबंधित RBI Deputy Governor;
RBI का एक अधिकारी;
Central Government द्वारा नियुक्त तीन बाहरी सदस्य।
निर्णय बहुमत से होता है और बराबर मत होने की स्थिति में RBI Governor के पास Casting Vote होता है।
यदि औसत CPI Inflation लगातार तीन तिमाहियों तक 2-6% की सीमा से बाहर रहती है, तो इसे Inflation Target बनाए रखने में विफलता माना जाता है। उस स्थिति में RBI को Central Government को कारण, प्रस्तावित उपचारात्मक कार्रवाई और लक्ष्य पर वापस लौटने की अनुमानित अवधि बताते हुए Report प्रस्तुत करनी होती है।
अन्य विकल्प सही क्यों नहीं हैं?
उपभोक्ता मामले विभाग आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की निगरानी और Price Stabilisation Fund जैसे Supply-side उपायों से जुड़ा है। लेकिन समग्र CPI Inflation को Monetary Policy द्वारा नियंत्रित करने का वैधानिक उत्तरदायित्व इसका नहीं है।
व्यय प्रबंधन आयोग सरकारी व्यय की दक्षता और Rationalisation से संबंधित था; यह Monetary Authority नहीं है।
वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद Financial-sector regulators के बीच समन्वय और Financial Stability से संबंधित है। यह Policy Interest Rate निर्धारित नहीं करती।