JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2022

Previous Year Question

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, ‘मुद्रास्फीति-सूचकांकित बॉण्डों (IIBs)’ के क्या लाभ हैं?

  1. सरकार IIBs के माध्यम से अपने उधारों पर कूपन दरों को कम कर सकती है।

  2. IIBs निवेशकों को मुद्रास्फीति के संबंध में अनिश्चितता से संरक्षण प्रदान करते हैं।

  3. IIBs पर प्राप्त ब्याज और पूँजीगत लाभ कर-योग्य नहीं होते।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A.

1 और 2

B.

2 और 3

C.

1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

Inflation-Indexed Bond अर्थात IIB ऐसी Debt Security है जिसमें निवेशक को मिलने वाले Principal और/or Interest Payment को किसी मान्य Inflation Index से जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य निवेशक की वास्तविक क्रय-शक्ति को मुद्रास्फीति से होने वाली क्षति से बचाना है।

भारत में RBI के अनुसार:

  • वर्ष 1997 में 5 वर्षीय Capital Indexed Bond जारी किया गया था। इसमें केवल Principal को मुद्रास्फीति से सुरक्षा दी गई थी।

  • जून 2013 में WPI से जुड़े Inflation-Indexed Bonds जारी किए गए। इनमें Principal और Coupon Flow दोनों को Inflation Protection प्राप्त थी।

  • दिसंबर 2013 में Retail Investors के लिए CPI से जुड़े Inflation Indexed National Savings Securities जारी किए गए।

कथन 1 सही है।

सामान्य Fixed-rate Bond में निवेशक भविष्य की मुद्रास्फीति का जोखिम उठाता है। इसलिए वह निम्नलिखित दोनों के लिए प्रतिफल चाहता है:

Nominal Interest Rate ≈ Real Interest Rate + Expected Inflation

इसके अतिरिक्त, भविष्य की Inflation अनिश्चित होने के कारण निवेशक Inflation Risk Premium भी माँग सकता है।

IIB में Principal अथवा Coupon Payment को Inflation Index से जोड़ दिया जाता है। इससे निवेशक को अलग से बड़ा Inflation Risk Premium माँगने की आवश्यकता कम हो सकती है। परिणामस्वरूप सरकार IIB पर सामान्य Nominal Bond की तुलना में कम Fixed Coupon Rate प्रस्तावित कर सकती है।

उदाहरण के लिए, यदि निवेशक को 3% Real Return चाहिए और अपेक्षित Inflation 5% है, तो सामान्य Bond की Nominal Coupon Rate लगभग 8% हो सकती है। IIB में सरकार लगभग 3% Real Coupon दे सकती है और Inflation Adjustment अलग से Indexed Principal के माध्यम से प्रदान किया जा सकता है।

लेकिन कम Coupon Rate का अर्थ यह नहीं है कि सरकार की कुल वास्तविक Borrowing Cost हमेशा कम ही होगी। यदि Inflation बहुत अधिक हो जाती है, तो Indexed Principal और उस पर आधारित Coupon Payment बढ़ सकते हैं। कथन केवल Coupon Rate कम करने की क्षमता की बात करता है; इसलिए यह सही है।

कथन 2 सही है।

सामान्य Bond में Inflation बढ़ने पर Fixed Interest और Principal की Real Purchasing Power घटती है। IIB में Inflation Adjustment के कारण निवेशक का Principal और Coupon Flow कीमतों में वृद्धि के अनुरूप समायोजित होता है।

उदाहरण के लिए, यदि Bond का Principal ₹1,000 है और संबंधित Inflation Index में 6% वृद्धि होती है, तो सरल उदाहरण में Inflation-adjusted Principal लगभग ₹1,060 हो सकता है। यदि Coupon Rate 3% है, तो Coupon की गणना Adjusted Principal पर की जा सकती है:

₹1,060 × 3% = ₹31.80

इस प्रकार निवेशक को केवल ₹1,000 के मूल Face Value पर ₹30 मिलने के बजाय Inflation-adjusted Principal पर अधिक Coupon प्राप्त होता है। इसलिए IIB निवेशक को Inflation Uncertainty और Purchasing-power erosion से संरक्षण देता है।

कथन 3 गलत है।

IIB को सामान्य रूप से कोई पूर्ण Tax Exemption प्राप्त नहीं है।

  • IIB पर प्राप्त Interest, Income-tax Act के लागू प्रावधानों के अनुसार करयोग्य हो सकता है।

  • Bond को बेचने या Redeem करने पर प्राप्त Capital Gain भी लागू Holding Period और Tax Provisions के अनुसार करयोग्य हो सकता है।

  • केवल Inflation Protection मिलने से Interest अथवा Capital Gain स्वतः Tax-free नहीं हो जाता।

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