Previous Year Question
निम्नलिखित स्थितियों में से कौन-सी एक भारत के संदर्भ में हाल ही में समाचारों में प्रायः उल्लिखित ‘अप्रत्यक्ष अंतरणों’ को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करती है?
कोई भारतीय कंपनी किसी विदेशी उद्यम में निवेश करती है और अपने निवेश से उत्पन्न लाभ पर उस विदेशी देश को कर का भुगतान करती है।
कोई विदेशी कंपनी भारत में निवेश करती है और अपने निवेश से उत्पन्न लाभ पर अपने मूल देश को कर का भुगतान करती है।
कोई भारतीय कंपनी किसी विदेशी देश में मूर्त आस्तियाँ खरीदती है, उनका मूल्य बढ़ने के पश्चात् ऐसी आस्तियों को बेचती है और प्राप्त धनराशि भारत में अंतरित करती है।
कोई विदेशी कंपनी शेयरों का अंतरण करती है और ऐसे शेयर अपना पर्याप्त मूल्य भारत में अवस्थित आस्तियों से प्राप्त करते हैं।
Correct Answer: D
Detailed Solution
Indirect Transfer उस स्थिति को कहते हैं जिसमें प्रत्यक्ष रूप से किसी विदेशी कंपनी के Shares या Interest का अंतरण भारत के बाहर होता है, लेकिन उन Shares का आर्थिक मूल्य मुख्यतः भारत में स्थित Assets से प्राप्त होता है।
इस व्यवस्था को एक उदाहरण से समझा जा सकता है:
Foreign Company-A के पास Foreign Company-B के Shares हैं।
Company-B की प्रमुख Assets अथवा उसकी Subsidiary का Business भारत में स्थित है।
Company-A, Company-B के Shares को भारत के बाहर किसी अन्य Foreign Entity को बेच देती है।
कानूनी रूप से बेची गई Asset विदेशी कंपनी का Share है, भारतीय Asset नहीं।
लेकिन Share का पर्याप्त Economic Value भारत में स्थित Assets से उत्पन्न होता है।
इसलिए भारतीय Assets का स्वामित्व सीधे नहीं बदला, लेकिन Foreign Company के Shares के हस्तांतरण से भारतीय Assets पर अप्रत्यक्ष आर्थिक नियंत्रण बदल गया। इसे Indirect Transfer of Indian Assets कहा जाता है।
Income-tax Act, 1961 की धारा 9(1)(i) के अंतर्गत किसी विदेशी कंपनी के Share अथवा Interest को भारत में स्थित माना जा सकता है, यदि वह अपना पर्याप्त मूल्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत में स्थित Assets से प्राप्त करता है। ऐसी स्थिति में संबंधित Capital Gains पर भारत में कर लगाया जा सकता है, भले ही Share Transfer भारत के बाहर दो Non-residents के बीच हुआ हो।
“पर्याप्त मूल्य” की शर्त
विदेशी Entity के Shares को भारत में स्थित Assets से पर्याप्त मूल्य प्राप्त करने वाला माना जाता है, यदि निर्दिष्ट तिथि पर:
भारत में स्थित Assets का मूल्य ₹10 करोड़ से अधिक हो; और
यह मूल्य उस विदेशी कंपनी की सभी Assets के कुल मूल्य का कम-से-कम 50% हो।
इन दोनों Value Conditions का पूरा होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, छोटे Shareholders और कुछ Reorganisation transactions के लिए कानून में निर्धारित राहत अथवा अपवाद हो सकते हैं।
विकल्पों का परीक्षण
विकल्प (a) में भारतीय कंपनी ने सीधे विदेशी उद्यम में निवेश किया है। यह Outward Foreign Investment है, भारत में स्थित Assets का Indirect Transfer नहीं।
विकल्प (b) में विदेशी कंपनी का भारत में निवेश और अपने मूल देश में कर भुगतान बताया गया है। इससे Indirect Transfer की आवश्यक Share-Asset relationship स्थापित नहीं होती।
विकल्प (c) में भारतीय कंपनी विदेशी Tangible Assets को सीधे खरीदती और बेचती है। यह विदेशी Assets का Direct Transfer है।
विकल्प (d) में Foreign Company के Shares का Transfer होता है और उन Shares का पर्याप्त मूल्य भारत में स्थित Assets से प्राप्त होता है। यही Indirect Transfer की वैधानिक अवधारणा है।