Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। भारत में वाणिज्यिक बैंकों के कार्यों में शामिल हैं—
ग्राहकों की ओर से शेयरों और प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करना।
वसीयतों के निष्पादक और न्यासी के रूप में कार्य करना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। वाणिज्यिक बैंक अपने ग्राहकों के अभिकर्ता (Agent) के रूप में शेयरों, सरकारी प्रतिभूतियों, बॉण्ड और अन्य अनुमत प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय कर सकते हैं। बैंक यह कार्य ग्राहक के निर्देश और लागू नियामकीय शर्तों के अधीन करता है।
बैंकों की अभिकरण सेवाओं में प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय के अतिरिक्त लाभांश और ब्याज एकत्र करना, बिलों एवं चेकों की वसूली तथा ग्राहकों की ओर से निर्धारित भुगतान करना भी शामिल हो सकता है।
कथन 2 सही है। वाणिज्यिक बैंक वसीयत के निष्पादक (Executor) और न्यासी (Trustee) के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।
Executor मृत व्यक्ति की वसीयत के अनुसार उसकी संपत्ति का प्रशासन करता है।
Trustee न्यास में रखी संपत्ति का प्रबंधन न्यास-विलेख और कानून के अनुसार करता है।
बैंक संपदा-प्रशासक, अभिरक्षक और प्रतिनिधि जैसी अन्य प्रत्ययी सेवाएँ भी प्रदान कर सकते हैं।
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 6 बैंकों को अभिकरण, प्रतिभूति-संबंधी, न्यास तथा संपदा-प्रशासन जैसी सहायक गतिविधियाँ करने की अनुमति देती है।