JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2010

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। भारत में वाणिज्यिक बैंकों के कार्यों में शामिल हैं—

  1. ग्राहकों की ओर से शेयरों और प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करना।

  2. वसीयतों के निष्पादक और न्यासी के रूप में कार्य करना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1, न ही 2

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। वाणिज्यिक बैंक अपने ग्राहकों के अभिकर्ता (Agent) के रूप में शेयरों, सरकारी प्रतिभूतियों, बॉण्ड और अन्य अनुमत प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय कर सकते हैं। बैंक यह कार्य ग्राहक के निर्देश और लागू नियामकीय शर्तों के अधीन करता है।

बैंकों की अभिकरण सेवाओं में प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय के अतिरिक्त लाभांश और ब्याज एकत्र करना, बिलों एवं चेकों की वसूली तथा ग्राहकों की ओर से निर्धारित भुगतान करना भी शामिल हो सकता है।

कथन 2 सही है। वाणिज्यिक बैंक वसीयत के निष्पादक (Executor) और न्यासी (Trustee) के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।

  • Executor मृत व्यक्ति की वसीयत के अनुसार उसकी संपत्ति का प्रशासन करता है।

  • Trustee न्यास में रखी संपत्ति का प्रबंधन न्यास-विलेख और कानून के अनुसार करता है।

  • बैंक संपदा-प्रशासक, अभिरक्षक और प्रतिनिधि जैसी अन्य प्रत्ययी सेवाएँ भी प्रदान कर सकते हैं।

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 6 बैंकों को अभिकरण, प्रतिभूति-संबंधी, न्यास तथा संपदा-प्रशासन जैसी सहायक गतिविधियाँ करने की अनुमति देती है।

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