Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा पद उस व्यवस्था को दर्शाता है जिसका उपयोग वाणिज्यिक बैंकों द्वारा सरकार को ऋण उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है?
नकद ऋण अनुपात
ऋण-सेवा दायित्व
चलनिधि समायोजन सुविधा
सांविधिक चलनिधि अनुपात
Correct Answer: D
Detailed Solution
सांविधिक चलनिधि अनुपात (Statutory Liquidity Ratio—SLR) वाणिज्यिक बैंक की निवल माँग और मीयादी देयताओं (Net Demand and Time Liabilities—NDTL) का वह निर्धारित प्रतिशत है जिसे बैंक को चलनिधि आस्तियों के रूप में बनाए रखना होता है।
इन चलनिधि आस्तियों में मुख्यतः नकदी, स्वर्ण तथा भार-मुक्त अनुमोदित प्रतिभूतियाँ शामिल होती हैं। सरकारी प्रतिभूतियाँ अनुमोदित प्रतिभूतियों का प्रमुख भाग होती हैं।
जब वाणिज्यिक बैंक सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तब वह प्रत्यक्ष रूप से सरकार के ऋण कार्यक्रम को धन उपलब्ध कराता है। इस प्रकार SLR के अंतर्गत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश सरकार को बैंकिंग प्रणाली से ऋण उपलब्ध कराने का एक माध्यम बनता है।
SLR के दो प्रमुख उद्देश्य रहे हैं:
बैंकों के पास पर्याप्त सुरक्षित और तरल आस्तियाँ बनाए रखना।
सरकारी प्रतिभूतियों की माँग उत्पन्न करके सरकार के उधार कार्यक्रम को सहायता देना।
अन्य विकल्पों का परीक्षण:
नकद ऋण अनुपात (Cash Credit Ratio) कोई मानक सांविधिक आरक्षित अनुपात नहीं है। इसे नकद आरक्षित अनुपात (CRR) से नहीं मिलाना चाहिए। CRR के अंतर्गत बैंक अपनी NDTL का निर्धारित भाग RBI के पास नकद रूप में रखते हैं।
ऋण-सेवा दायित्व मूलधन और ब्याज के भुगतान से संबंधित दायित्व है; यह सरकार को ऋण उपलब्ध कराने की बैंकिंग व्यवस्था नहीं है।
चलनिधि समायोजन सुविधा (LAF) RBI द्वारा Repo और Reverse Repo जैसे साधनों के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली की अल्पकालीन चलनिधि के प्रबंधन की व्यवस्था है।