JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2011

Previous Year Question

वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ‘टीज़र ऋणों’ की पेशकश आर्थिक चिंता का विषय क्यों है?

  1. ‘टीज़र ऋणों’ को अवमानक ऋण देने का एक पहलू माना जाता है और भविष्य में बैंकों को चूककर्ताओं के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

  2. भारत में ‘टीज़र ऋण’ अधिकांशतः अनुभवहीन उद्यमियों को विनिर्माण अथवा निर्यात इकाइयाँ स्थापित करने के लिए दिए जाते हैं।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1, न ही 2

Correct Answer: A

Detailed Solution

Teaser Loan ऐसा ऋण होता है जिसमें प्रारंभिक अवधि के लिए उधारकर्ता को सामान्य दर से कम ब्याज दर की पेशकश की जाती है। निर्धारित प्रारंभिक अवधि समाप्त होने के बाद ब्याज दर ऊँची अथवा प्रचलित Floating Rate में परिवर्तित हो जाती है।

उदाहरण के लिए, आवास ऋण पर पहले दो या तीन वर्षों के लिए कम ब्याज दर दी जा सकती है, लेकिन बाद में यह दर बैंक की सामान्य परिवर्तनीय दर से जुड़ जाती है। इससे उधारकर्ता की EMI उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है।

कथन 1 सही है। Teaser Loan की मुख्य समस्या यह है कि ऋण की पात्रता और उधारकर्ता की भुगतान क्षमता का आकलन प्रारंभिक कम ब्याज दर के आधार पर किया जा सकता है। जब बाद में ब्याज दर और EMI बढ़ती है, तो कुछ उधारकर्ताओं को भुगतान करने में कठिनाई हो सकती है।

इससे निम्नलिखित जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं:

  • भविष्य में ऋण चूक की संभावना

  • बैंक की Non-Performing Assets में वृद्धि

  • ऋण देते समय वास्तविक दीर्घकालीन भुगतान क्षमता का गलत आकलन

  • आवास और अन्य परिसंपत्तियों की कीमतों में अस्थिरता

  • उधारकर्ता द्वारा प्रारंभिक कम दर को स्थायी दर समझ लेने का जोखिम

इसी कारण RBI ने Teaser Rate Housing Loans को सामान्य आवास ऋणों की तुलना में अधिक जोखिमपूर्ण माना था। दिसंबर 2010 में ऐसे मानक आवास ऋणों पर Provisioning को बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया गया था। दर सामान्य स्तर पर पुनर्निर्धारित होने के बाद खाता निर्धारित अवधि तक Standard बने रहने पर रहने पर सामान्य Provisioning लागू हो सकती थी।

इन्हें Sub-prime Lending जैसी समस्या से जोड़ा गया है, क्योंकि कम प्रारंभिक दर ऐसे उधारकर्ताओं को भी आकर्षित कर सकती है जिनकी ऊँची भविष्यगत EMI चुकाने की क्षमता पर्याप्त नहीं हो।

कथन 2 सही नहीं है। भारत में Teaser Loans मुख्यतः अनुभवहीन उद्यमियों को विनिर्माण या निर्यात इकाइयाँ लगाने के लिए दिए जाने वाले ऋण नहीं थे। यह शब्द विशेष रूप से कम प्रारंभिक ब्याज दर वाले आवास ऋणों और कुछ अन्य खुदरा ऋण उत्पादों के संदर्भ में चर्चित हुआ था।

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