Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-से उपाय अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति में वृद्धि करेंगे?
केंद्रीय बैंक द्वारा जनता से सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद।
जनता द्वारा वाणिज्यिक बैंकों में मुद्रा जमा करना।
सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से उधार लेना।
केंद्रीय बैंक द्वारा जनता को सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
केवल 1
केवल 2 और 4
केवल 1 और 3
केवल 2, 3 और 4
Correct Answer: C
Detailed Solution
अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति बढ़ने का अर्थ जनता के पास उपलब्ध मुद्रा तथा बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध जमाराशि और आरक्षित धन के संयुक्त विस्तार से है।
कथन 1 सही है। जब केंद्रीय बैंक जनता अथवा बैंकों से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो वह उनके बदले भुगतान करता है। भुगतान बैंक खातों में जमा होने या मुद्रा के रूप में जनता तक पहुँचने से अर्थव्यवस्था की तरलता और मौद्रिक आधार बढ़ता है।
यह Open Market Purchase है:
सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद → केंद्रीय बैंक द्वारा भुगतान → बैंक आरक्षित निधि/जनता की मुद्रा में वृद्धि → मुद्रा-आपूर्ति में वृद्धि
कथन 2 सही नहीं है। जनता द्वारा अपने पास रखी मुद्रा को वाणिज्यिक बैंक में जमा करने से मुद्रा का स्वरूप बदलता है:
जनता के पास प्रचलित मुद्रा घटती है।
बैंक में माँग जमा बढ़ती है।
प्रारंभिक चरण में मुद्रा जनता के पास नकदी से बैंक-जमा में परिवर्तित होती है; इसलिए इस कार्य से अपने आप कुल मुद्रा-आपूर्ति में वृद्धि नहीं होती। बाद में बैंक इस जमा के आधार पर ऋण-सृजन कर सकता है, लेकिन यह एक अलग और अनुवर्ती प्रक्रिया है। प्रश्न में केवल मुद्रा जमा करने की घटना दी गई है।
कथन 3 सही है। जब सरकार केंद्रीय बैंक से सीधे उधार लेती है, तो केंद्रीय बैंक सरकार के खाते में नई राशि सृजित या जमा कर सकता है। सरकार द्वारा इस राशि को खर्च किए जाने पर धन जनता और वाणिज्यिक बैंकों तक पहुँचता है, जिससे Reserve Money तथा अंततः मुद्रा-आपूर्ति बढ़ सकती है।
इसे सरकारी घाटे के मौद्रीकरण से संबंधित स्थिति के रूप में भी समझा जा सकता है।
कथन 4 सही नहीं है। जब केंद्रीय बैंक जनता को सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, तो जनता इनके भुगतान के लिए मुद्रा अथवा बैंक-जमाराशि का प्रयोग करती है। यह राशि बैंकिंग प्रणाली से केंद्रीय बैंक के पास चली जाती है और उपलब्ध तरलता घटती है।
सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री → जनता से भुगतान प्राप्त → तरलता का अवशोषण → मुद्रा-आपूर्ति पर संकुचनकारी प्रभाव