JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2013

Previous Year Question

भारत में बैंकों द्वारा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को ऋण देने का तात्पर्य निम्नलिखित में से किन्हें ऋण देने से है?

A.

कृषि

B.

सूक्ष्म और लघु उद्यम

C.

कमजोर वर्ग

D.

उपर्युक्त सभी

Correct Answer: D

Detailed Solution

प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को ऋण (Priority Sector Lending—PSL) का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों और सामाजिक समूहों तक संस्थागत ऋण पहुँचाना है, जिन्हें सामान्य वाणिज्यिक परिस्थितियों में पर्याप्त एवं समयबद्ध ऋण नहीं मिल सकता।

RBI बैंकों के लिए प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को ऋण देने के लक्ष्य तथा उप-लक्ष्य निर्धारित करता है।

विकल्प (a) कृषि सही है। कृषि प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र की प्रमुख श्रेणी है। इसके अंतर्गत किसानों को दिए जाने वाले फसल ऋण तथा कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए मध्यम एवं दीर्घकालीन ऋण सम्मिलित होते हैं। इसमें कृषि अवसंरचना तथा कृषि से संबंधित सहायक सेवाओं के लिए पात्र ऋण भी शामिल हो सकते हैं।

विकल्प (b) सूक्ष्म और लघु उद्यम सही है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को दिए गए पात्र बैंक ऋण Priority Sector में सम्मिलित होते हैं। प्रश्न में सूक्ष्म और लघु उद्यम दिए गए हैं; ये निश्चित रूप से PSL की पात्र श्रेणियाँ हैं।

सूक्ष्म उद्यमों के लिए अलग उप-लक्ष्य भी निर्धारित किया जाता है, ताकि कुल MSME ऋण में छोटे व्यवसायों की उपेक्षा न हो।

विकल्प (c) कमजोर वर्ग सही है। RBI ने कमजोर वर्गों को दिए जाने वाले पात्र ऋण के लिए अलग उप-लक्ष्य निर्धारित किया है। इस श्रेणी में निर्धारित शर्तों के अधीन निम्नलिखित जैसे उधारकर्ता सम्मिलित हो सकते हैं:

  • छोटे और सीमांत किसान

  • भूमिहीन कृषि श्रमिक, पट्टेदार तथा बटाईदार

  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र व्यक्ति

  • स्वयं सहायता समूह

  • संकटग्रस्त किसान और अन्य निर्दिष्ट कमजोर समूह

Priority Sector केवल कृषि तक सीमित नहीं है। वर्तमान विनियामकीय व्यवस्था में MSME, निर्यात ऋण, शिक्षा, आवास, सामाजिक अवसंरचना और अक्षय ऊर्जा जैसी अन्य श्रेणियाँ भी सम्मिलित हैं। हालाँकि प्रश्न के सभी तीन विकल्प स्वतंत्र रूप से सही हैं।

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