JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2017

Previous Year Question

मौद्रिक नीति समिति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. यह RBI की मानदंड ब्याज दरों का निर्धारण करती है।

  2. यह RBI के गवर्नर सहित 12 सदस्यीय निकाय है और इसका प्रत्येक वर्ष पुनर्गठन किया जाता है।

  3. यह केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करती है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 1

B.

केवल 1 और 2

C.

केवल 3

D.

केवल 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

मौद्रिक नीति समिति—Monetary Policy Committee या MPC—को वैधानिक दर्जा Finance Act, 2016 द्वारा RBI Act, 1934 में संशोधन करके दिया गया। इसका उद्देश्य नीतिगत ब्याज दर के निर्धारण की प्रक्रिया को संस्थागत और समिति-आधारित बनाना था।

कथन 1 सही है।

RBI Act की धारा 45ZB के अनुसार MPC मुद्रास्फीति लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक Policy Repo Rate निर्धारित करती है। Repo Rate मौद्रिक नीति की प्रमुख मानदंड दर है और इसके परिवर्तन का प्रभाव अन्य अल्पकालिक ब्याज दरों, बैंक ऋण दरों तथा वित्तीय परिस्थितियों तक पहुँच सकता है।

भारत की लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण व्यवस्था में केंद्र सरकार RBI से परामर्श करके Consumer Price Index पर आधारित मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारित करती है। MPC इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए Repo Rate पर निर्णय लेती है।

कथन 2 सही नहीं है।

MPC 12 सदस्यीय नहीं, बल्कि छह सदस्यीय निकाय है। इसमें तीन सदस्य RBI से और तीन सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त बाहरी विशेषज्ञ होते हैं।

RBI से संबंधित सदस्य हैं:

  • RBI का गवर्नर—पदेन अध्यक्ष;

  • मौद्रिक नीति का प्रभारी उप-गवर्नर;

  • RBI के केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित बैंक का एक अधिकारी।

केंद्र सरकार तीन व्यक्तियों को अर्थशास्त्र, बैंकिंग, वित्त अथवा मौद्रिक नीति के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव के आधार पर नियुक्त करती है। बाहरी सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष होता है और वे पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते। इसलिए MPC का प्रत्येक वर्ष पुनर्गठन नहीं किया जाता।

कथन 3 सही नहीं है।

MPC की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री नहीं करते। RBI का गवर्नर इसका पदेन अध्यक्ष होता है।

प्रत्येक सदस्य का एक मत होता है। मत बराबर होने की स्थिति में RBI गवर्नर को निर्णायक मत प्राप्त होता है। MPC के निर्णय RBI पर बाध्यकारी होते हैं।

MPC सामान्यतः एक वर्ष में कम-से-कम चार बैठकें करती है। व्यवहार में द्विमासिक मौद्रिक नीति कार्यक्रम के अनुसार अधिक बैठकें आयोजित की जाती हैं। बैठक के बाद प्रस्ताव, प्रत्येक सदस्य का मत और निर्णय के समर्थन में उसका वक्तव्य प्रकाशित किया जाता है।

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