Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
भारतीय रिज़र्व बैंक भारत सरकार की प्रतिभूतियों का प्रबंधन और उनसे संबंधित सेवाएँ प्रदान करता है, लेकिन किसी राज्य सरकार की प्रतिभूतियों का नहीं।
राजकोषीय बिल भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं और राज्य सरकारों द्वारा कोई राजकोषीय बिल जारी नहीं किया जाता।
राजकोषीय बिलों के प्रस्ताव अंकित मूल्य से बट्टे पर जारी किए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही नहीं है।
RBI केवल केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों का ही प्रबंधन नहीं करता। वह केंद्र सरकार और समझौता करने वाली राज्य सरकारों के सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन करता है।
RBI की प्रमुख Public Debt Management गतिविधियों में निम्नलिखित सम्मिलित हैं:
केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिभूतियों की नीलामी आयोजित करना;
निर्गम, ब्याज भुगतान और मूलधन के पुनर्भुगतान का प्रबंधन;
सरकारी प्रतिभूतियों का अभिलेख रखना;
केंद्र तथा राज्य सरकारों को उधारी कार्यक्रम के विषय में परामर्श देना;
सरकारी प्रतिभूति बाजार के व्यवस्थित विकास में सहायता करना।
राज्य सरकारें बाजार से सामान्यतः State Development Loans—SDLs के माध्यम से दीर्घकालीन धन जुटाती हैं। इन प्रतिभूतियों की नीलामी और ऋण-सेवा का प्रबंधन भी RBI करता है। इसलिए कथन 1 गलत है।
कथन 2 सही है।
Treasury Bills केंद्र सरकार के अल्पकालीन ऋण साधन हैं। इन्हें भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा नीलाम किया जाता है।
भारत में नियमित राजकोषीय बिल निम्नलिखित परिपक्वता अवधियों के लिए जारी किए जाते हैं:
91 दिन;
182 दिन;
364 दिन।
राज्य सरकारें Treasury Bills जारी नहीं करतीं। उनकी अल्पकालीन नकदी आवश्यकताओं के लिए Ways and Means Advances तथा अन्य RBI व्यवस्थाएँ उपलब्ध हो सकती हैं, जबकि दीर्घकालीन बाजार उधारी मुख्यतः SDLs के माध्यम से होती है।
कथन 3 सही है।
Treasury Bills Zero-Coupon Securities हैं। इन पर अलग से आवधिक ब्याज अथवा Coupon नहीं दिया जाता।
इन्हें अंकित मूल्य से कम कीमत अर्थात बट्टे पर जारी किया जाता है और परिपक्वता पर पूरा अंकित मूल्य चुकाया जाता है। निर्गम मूल्य और अंकित मूल्य का अंतर निवेशक का प्रतिफल होता है।
उदाहरण के लिए, ₹100 अंकित मूल्य वाला Treasury Bill ₹97 में जारी किया जाए और परिपक्वता पर ₹100 दिए जाएँ, तो ₹3 का अंतर निवेशक का प्रतिफल होगा।