Previous Year Question
समाचारों में कभी-कभी दिखाई देने वाले पद ‘व्यापारी छूट दर’ का निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वोत्तम वर्णन करता है?
वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के वित्तीय लेन-देन के लिए डेबिट कार्ड द्वारा भुगतान स्वीकार करने पर बैंक द्वारा व्यापारी को दिया गया प्रोत्साहन
वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के वित्तीय लेन-देन के लिए डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को दी गई राशि
बैंक के डेबिट कार्ड के माध्यम से अपने ग्राहकों से भुगतान स्वीकार करने के लिए बैंक द्वारा व्यापारी पर लगाया गया शुल्क
POS मशीनों और डेबिट कार्डों के माध्यम से अपने ग्राहकों द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा व्यापारियों को दिया गया प्रोत्साहन
Correct Answer: C
Detailed Solution
व्यापारी छूट दर—Merchant Discount Rate या MDR—वह शुल्क है जो किसी व्यापारिक प्रतिष्ठान द्वारा कार्ड-आधारित भुगतान स्वीकार करने पर लगाया जाता है। इसे Merchant Discount Rate के साथ Merchant Discount Ratio भी कहा जाता है।
जब कोई ग्राहक किसी व्यापारी के यहाँ Debit Card से भुगतान करता है, तो ग्राहक द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि सामान्यतः व्यापारी को प्राप्त नहीं होती। भुगतान स्वीकार करने और उसका प्रसंस्करण करने से संबंधित निर्धारित शुल्क काटकर शेष राशि व्यापारी के खाते में जमा की जाती है।
MDR से प्राप्त राशि भुगतान-व्यवस्था में सम्मिलित संस्थाओं के बीच निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बाँटी जा सकती है, जैसे:
व्यापारी को भुगतान-स्वीकृति सुविधा देने वाला Acquiring Bank;
ग्राहक को कार्ड जारी करने वाला Issuing Bank;
Card Network अथवा संबंधित Payment System Operator;
लेन-देन के प्रसंस्करण में सम्मिलित अन्य अधिकृत संस्थाएँ।
MDR का उद्देश्य भुगतान-स्वीकृति अवसंरचना, नेटवर्क, प्रसंस्करण, निपटान, सुरक्षा और Fraud Management से जुड़ी लागतों की पूर्ति करना है।
विकल्प (a) सही नहीं है, क्योंकि MDR बैंक द्वारा व्यापारी को दिया गया प्रोत्साहन नहीं, बल्कि व्यापारी से लिया जाने वाला शुल्क है।
विकल्प (b) सही नहीं है, क्योंकि यह बैंकों द्वारा ग्राहकों को दिया गया भुगतान नहीं है। Cashback अथवा Reward अलग व्यवस्था हो सकती है; उसे MDR नहीं कहते।
विकल्प (d) सही नहीं है, क्योंकि सरकार द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए दिया गया प्रोत्साहन अथवा Subsidy, MDR की परिभाषा नहीं है।
अलग-अलग समय पर RBI और सरकार ने Debit Card के प्रकार, व्यापारी के कारोबार और लेन-देन के माध्यम के अनुसार MDR की सीमा अथवा शून्य-MDR जैसी व्यवस्थाएँ लागू की हैं। इन नीतिगत परिवर्तनों से MDR की मूल अवधारणा नहीं बदलती।