Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में किसी वाणिज्यिक बैंक की आस्तियों में शामिल नहीं होता?
अग्रिम
जमाएँ
निवेश
माँग तथा अल्प सूचना पर देय धन
Correct Answer: B
Detailed Solution
बैंक के तुलन-पत्र में आस्तियों और देयताओं को बैंक के दृष्टिकोण से दर्ज किया जाता है। इसलिए ग्राहक द्वारा बैंक में जमा किया गया धन ग्राहक की वित्तीय आस्ति, लेकिन बैंक की देयता होता है।
विकल्प (a)—अग्रिम बैंक की आस्ति है।
बैंक द्वारा ग्राहकों को दिए गए ऋण, नकद ऋण, अधिविकर्ष और खरीदे अथवा भुनाए गए बिल अग्रिम में सम्मिलित होते हैं। उधारकर्ता से बैंक को मूलधन और ब्याज प्राप्त करना होता है; इसलिए ये बैंक की आस्तियाँ हैं।
अग्रिम बैंक की ब्याज-आय का एक प्रमुख स्रोत होते हैं। इनके साथ Credit Risk जुड़ा होता है, क्योंकि उधारकर्ता द्वारा भुगतान न करने पर अग्रिम Non-Performing Asset बन सकता है।
विकल्प (b)—जमाएँ बैंक की आस्ति नहीं, देयता हैं।
जब कोई ग्राहक अपने खाते में धन जमा करता है, तो बैंक पर वह धन ग्राहक को लौटाने का दायित्व उत्पन्न होता है। इसलिए बचत जमा, चालू जमा और मीयादी जमा बैंक की देयताओं में दर्ज की जाती हैं।
बैंक इन जमाओं का प्रयोग ऋण और निवेश करने के लिए कर सकता है, लेकिन इससे जमाकर्ता के प्रति उसका पुनर्भुगतान-दायित्व समाप्त नहीं होता।
विकल्प (c)—निवेश बैंक की आस्ति है।
बैंक सरकारी प्रतिभूतियों, अनुमोदित प्रतिभूतियों, बॉण्डों, डिबेंचरों और अन्य अनुमत वित्तीय साधनों में निवेश कर सकते हैं। इनसे बैंक को ब्याज, Coupon अथवा पूँजीगत लाभ प्राप्त हो सकता है। इसलिए इन्हें आस्ति-पक्ष में दिखाया जाता है।
विकल्प (d)—माँग तथा अल्प सूचना पर देय धन बैंक की आस्ति है।
Money at Call and Short Notice में बैंक द्वारा अन्य बैंकों अथवा पात्र वित्तीय संस्थाओं को अत्यल्प अवधि के लिए दिया गया धन सम्मिलित होता है। यह राशि बैंक को प्राप्त करनी होती है; इसलिए यह उसकी आस्ति है।
वाणिज्यिक बैंक की अन्य प्रमुख आस्तियों में नकद, RBI में शेष, अन्य बैंकों में शेष, स्थायी आस्तियाँ और अन्य आस्तियाँ शामिल होती हैं।