Previous Year Question
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
खुदरा निवेशक डीमैट खाते के माध्यम से प्राथमिक बाजार में राजकोषीय बिलों और भारत सरकार के ऋण बॉण्डों में निवेश कर सकते हैं।
नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम-ऑर्डर मैचिंग भारतीय रिज़र्व बैंक का सरकारी प्रतिभूति व्यापार मंच है।
सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड को भारतीय रिज़र्व बैंक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा संयुक्त रूप से प्रवर्तित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 3
केवल 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 सही है।
RBI ने सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में खुदरा निवेशकों के लिए Non-Competitive Bidding की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस व्यवस्था में खुदरा निवेशक प्रतिस्पर्धी संस्थागत निवेशकों की तरह Yield अथवा Price की बोली निर्धारित नहीं करता। उसे नीलामी में स्वीकृत भारित औसत मूल्य या प्रतिफल के आधार पर प्रतिभूतियाँ आवंटित की जाती हैं।
खुदरा निवेशक मान्य मध्यस्थों तथा स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा उपलब्ध कराए गए मंचों के माध्यम से प्राथमिक बाजार में निम्नलिखित में निवेश कर सकता है:
भारत सरकार के Treasury Bills;
केंद्र सरकार की Dated Government Securities;
पात्रता और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार की प्रतिभूतियाँ।
आवंटित प्रतिभूतियाँ निवेशक के डीमैट खाते में रखी जा सकती हैं। बाद में RBI Retail Direct व्यवस्था के अंतर्गत निवेशकों को RBI के साथ Retail Direct Gilt Account खोलकर भी सरकारी प्रतिभूतियों के प्राथमिक और द्वितीयक बाजार में भाग लेने की सुविधा मिली।
कथन 2 सही है।
Negotiated Dealing System-Order Matching अर्थात NDS-OM सरकारी प्रतिभूतियों के द्वितीयक बाजार में व्यापार के लिए RBI के स्वामित्व वाली एक इलेक्ट्रॉनिक, स्क्रीन-आधारित और अनाम Order-Matching प्रणाली है।
इस व्यवस्था में खरीद और बिक्री के आदेश इलेक्ट्रॉनिक रूप से मिलाए जाते हैं। प्रत्यक्ष सदस्यों में बैंक, Primary Dealers और अन्य पात्र विनियमित संस्थाएँ शामिल हो सकती हैं। अन्य पात्र निवेशक अपने बैंकों अथवा NDS-OM Web व्यवस्था के माध्यम से अप्रत्यक्ष पहुँच प्राप्त कर सकते हैं।
यहाँ “अनाम” का अर्थ है कि आदेश देते समय व्यापारी को दूसरे पक्ष की पहचान नहीं दिखती। मिलान मुख्यतः मूल्य और समय की प्राथमिकता के आधार पर होता है।
कथन 3 सही नहीं है।
Central Depository Services (India) Limited—CDSL को Bombay Stock Exchange के नेतृत्व में बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से प्रवर्तित किया गया था। RBI इसका संयुक्त प्रवर्तक नहीं था।
CDSL एक Securities Depository है। इसका प्रमुख कार्य प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखना तथा उनके हस्तांतरण और निपटान की सुविधा देना है। इसका विनियमन SEBI के अधीन होता है।
अतः कथन 1 और 2 सही हैं।