Previous Year Question
भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित प्रभावों में से कौन-सा एक भारत सरकार की चिंता का प्रमुख कारण रहा है?
स्थावर संपदा की खरीद और विलासितापूर्ण आवास में निवेश के लिए संसाधनों का अपयोजन
अनुत्पादक गतिविधियों में निवेश और बहुमूल्य पत्थरों, आभूषणों, सोने आदि की खरीद
राजनीतिक दलों को बड़े चंदे और क्षेत्रवाद की वृद्धि
कर अपवंचन के कारण राजकोष को राजस्व की हानि
Correct Answer: D
Detailed Solution
काला धन सामान्यतः उस आय अथवा संपत्ति को कहा जाता है जिसे कर एवं अन्य कानूनी दायित्वों से बचाने के लिए सरकारी लेखांकन और कर-प्रणाली से छिपाया गया हो। इसमें दो प्रकार की आय सम्मिलित हो सकती है:
अवैध गतिविधियों से प्राप्त आय;
वैध गतिविधियों से प्राप्त, लेकिन कर प्राधिकारियों के समक्ष घोषित न की गई आय।
विकल्प (d) सही है।
वित्त मंत्रालय के White Paper on Black Money के अनुसार काले धन का प्रमुख राजकोषीय प्रभाव कर-आधार का संकुचन और सरकार को राजस्व की हानि है। आय छिपाए जाने पर आयकर, वस्तु एवं सेवा कर, सीमा शुल्क तथा अन्य लागू करों का पूरा भुगतान नहीं होता।
कर-राजस्व की हानि के कारण सरकार के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं पर व्यय करने के लिए अपेक्षाकृत कम संसाधन उपलब्ध होते हैं। इससे ईमानदार करदाताओं पर कर का भार बढ़ सकता है और राजकोषीय घाटे पर भी दबाव पड़ सकता है।
काला धन समानता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को भी प्रभावित करता है। कर चोरी करने वाले व्यक्ति या व्यवसाय की प्रभावी लागत, नियमों का पालन करने वाले करदाता की तुलना में कम हो सकती है। इससे कर-अनुपालन की संस्कृति कमजोर होती है।
विकल्प (a) और (b) काले धन के उपयोग के संभावित स्वरूप तथा आर्थिक संसाधनों के विकृत आवंटन को बताते हैं। ये गंभीर प्रभाव हैं, लेकिन सरकार की मुख्य और प्रत्यक्ष चिंता के रूप में प्रश्न में कर अपवंचन से होने वाली राजस्व-हानि पूछी गई है।
विकल्प (c) में राजनीतिक चंदे और क्षेत्रवाद को एक साथ जोड़ा गया है। काले धन का अपारदर्शी राजनीतिक वित्तपोषण में प्रयोग हो सकता है, लेकिन क्षेत्रवाद की वृद्धि को इसका अनिवार्य अथवा प्रमुख प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जा सकता।