JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2022

Previous Year Question

अपूरणीय टोकन (Non-Fungible Tokens—NFTs) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. वे भौतिक परिसंपत्तियों के अंकीय निरूपण को सुकर बनाते हैं।

  2. वे अनन्य क्रिप्टोग्राफिक टोकन हैं, जिनका अस्तित्व किसी ब्लॉकचेन में है।

  3. उनका तुल्यता पर व्यापार या विनिमय किया जा सकता है और इसलिए उनका वाणिज्यिक लेन-देन के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A.

केवल 1 और 2

B.

केवल 2 और 3

C.

केवल 1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 सही है।

NFT किसी डिजिटल अथवा भौतिक परिसंपत्ति से संबद्ध स्वामित्व, प्रामाणिकता या विशिष्ट अधिकार का डिजिटल निरूपण कर सकता है। इसके माध्यम से कलाकृति, संगीत, वीडियो, संग्रहणीय वस्तु, प्रमाणपत्र अथवा किसी भौतिक परिसंपत्ति से संबंधित अधिकार को डिजिटल टोकन के रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है।

हालाँकि NFT खरीदने का अर्थ हर स्थिति में अंतर्निहित भौतिक वस्तु अथवा उसके Copyright का स्वामित्व प्राप्त करना नहीं होता। खरीदार को वास्तव में कौन-सा अधिकार मिलेगा, यह संबंधित Smart Contract और अनुबंध की शर्तों पर निर्भर करता है।

कथन 2 सही है।

NFT एक विशिष्ट Cryptographic Token होता है, जिसका स्वामित्व और हस्तांतरण Blockchain पर दर्ज किया जाता है। प्रत्येक NFT को अलग पहचान देने वाला Token ID तथा उससे संबद्ध Metadata हो सकता है।

यहाँ “Non-Fungible” का अर्थ है कि एक NFT को किसी दूसरे NFT की पूर्णतः समान और परस्पर विनिमेय इकाई नहीं माना जा सकता। अलग-अलग NFT द्वारा प्रदर्शित परिसंपत्ति, दुर्लभता, अधिकार और बाजार-मूल्य अलग हो सकते हैं।

कथन 3 सही नहीं है।

नकदी अथवा समान मूल्यवर्ग की मुद्रा Fungible होती है। उदाहरण के लिए, ₹100 का एक नोट सामान्यतः ₹100 के दूसरे नोट के समान मूल्य रखता है। इसके विपरीत, दो NFT अनिवार्य रूप से समान मूल्य और समान विशेषताओं वाले नहीं होते।

NFT को बाजार में खरीदा या बेचा जा सकता है, लेकिन उसका व्यापार तुल्यता पर नहीं होता। इसी कारण उसे सामान्य मुद्रा की तरह परस्पर विनिमेय वाणिज्यिक भुगतान-माध्यम नहीं माना जा सकता।

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