JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2024

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ भारतीय रिज़र्व बैंक की चलनिधि समायोजन सुविधा का उपयोग कर सकती हैं।

  2. भारत में विदेशी संस्थागत निवेशक सरकारी प्रतिभूतियाँ धारण कर सकते हैं।

  3. भारत में स्टॉक एक्सचेंज ऋण प्रतिभूतियों के लिए पृथक व्यापार मंच उपलब्ध करा सकते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

A.

1 और 2

B.

केवल 3

C.

1, 2 और 3

D.

2 और 3

Correct Answer: D

Detailed Solution

कथन 1 सही नहीं है।

Liquidity Adjustment Facility—LAF भारतीय रिज़र्व बैंक की Monetary Policy का साधन है। इसके माध्यम से पात्र बैंकिंग संस्थाएँ और Primary Dealers अल्पकालीन चलनिधि प्राप्त कर सकते हैं अथवा अपनी अधिशेष चलनिधि RBI के पास रख सकते हैं।

सामान्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ—Non-Banking Financial Companies, NBFCs—LAF की पात्र प्रत्यक्ष सहभागी नहीं होतीं। NBFCs बैंकों, वित्तीय बाजारों, ऋण-पत्रों तथा अन्य स्वीकृत माध्यमों से धन प्राप्त कर सकती हैं, लेकिन वे सामान्यतः बैंकों की तरह RBI की LAF Window का प्रत्यक्ष उपयोग नहीं कर सकतीं।

विशेष आर्थिक परिस्थितियों में RBI किसी अलग और सीमित Special Liquidity Facility की घोषणा कर सकता है। ऐसी अस्थायी सुविधा को नियमित LAF तक सामान्य पहुँच के समान नहीं माना जाएगा।

कथन 2 सही है।

भारत में पात्र Foreign Portfolio Investors—FPIs, जिन्हें पहले Foreign Institutional Investors कहा जाता था, निर्धारित सीमा और विनियामक शर्तों के अधीन केंद्र सरकार की प्रतिभूतियाँ तथा State Government Securities धारण कर सकते हैं।

सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश से ऋण बाजार में अतिरिक्त पूंजी और Liquidity आ सकती है। लेकिन RBI और सरकार समग्र सीमा, प्रतिभूति-विशिष्ट सीमा तथा निवेश के मार्ग निर्धारित कर सकते हैं। कुछ निर्दिष्ट सरकारी प्रतिभूतियाँ Fully Accessible Route—FAR के अंतर्गत भी उपलब्ध कराई गई हैं।

कथन 3 सही है।

भारत में Stock Exchanges ऋण प्रतिभूतियों के लिए अलग Trading Platforms उपलब्ध करा सकते हैं। इन मंचों पर Corporate Bonds, Non-Convertible Debentures तथा अन्य सूचीबद्ध Debt Securities का कारोबार किया जा सकता है।

सरकारी प्रतिभूतियों के लिए RBI द्वारा विनियमित Negotiated Dealing System—Order Matching, NDS-OM प्रमुख संस्थागत मंच है। Retail Direct Scheme के माध्यम से खुदरा निवेशकों को भी सरकारी प्रतिभूतियों के प्राथमिक तथा द्वितीयक बाजार तक पहुँच दी गई है।

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