Previous Year Question
विदेशी बैंकों के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अधिरोपित नियम/नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (2024)
भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग सहायक कंपनियों के लिए न्यूनतम पूंजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग सहायक कंपनियों के निदेशक मंडल के कम-से-कम 50 प्रतिशत सदस्य भारतीय नागरिक होने चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 सही नहीं है।
भारत में विदेशी बैंक की Wholly Owned Subsidiary—WOS के लिए न्यूनतम पूंजी निर्धारित है। RBI के ढाँचे के अनुसार ऐसी सहायक कंपनी की न्यूनतम चुकता मताधिकारयुक्त Equity Capital ₹500 करोड़ होनी चाहिए।
इसलिए यह कहना गलत है कि न्यूनतम पूंजी की कोई आवश्यकता नहीं है। Capital Requirement का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायक बैंक के पास अपने Banking Operations और संभावित जोखिमों को वहन करने के लिए पर्याप्त वित्तीय आधार हो।
विदेशी बैंक की भारतीय WOS को भारत में निगमित कंपनी के रूप में स्थापित किया जाता है। इसकी एक अलग Legal Entity होती है तथा RBI इसका विनियमन भारतीय बैंकिंग कानूनों और Prudential Norms के अनुसार करता है।
कथन 2 सही है।
RBI के नियमों के अनुसार विदेशी बैंक की भारत में स्थापित Wholly Owned Banking Subsidiary के निदेशक मंडल में कम-से-कम 50 प्रतिशत निदेशक भारतीय नागरिक होने चाहिए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय Banking Sector की स्थानीय परिस्थितियों की समझ, प्रभावी Corporate Governance तथा भारत में उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है। RBI निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशकों, गैर-कार्यकारी निदेशकों और Banking, Finance, Law तथा Risk Management जैसे क्षेत्रों के अनुभव से संबंधित अन्य शर्तें भी निर्धारित करता है।
Branch Model और WOS Model में अंतर: विदेशी बैंक भारत में शाखाओं के माध्यम से कार्य कर सकता है अथवा भारतीय कानून के अंतर्गत अलग Wholly Owned Subsidiary स्थापित कर सकता है। WOS की पूंजी और देयताएँ उसकी विदेशी मूल कंपनी से कानूनी रूप से अलग रखी जाती हैं। इससे स्थानीय जमाकर्ताओं तथा भारतीय Banking System के हितों की सुरक्षा मजबूत होती है।