Previous Year Question
RTGS और NEFT के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. RTGS में निपटान का समय तात्कालिक होता है, जबकि NEFT में भुगतानों के निपटान में कुछ समय लगता है।
II. RTGS में ग्राहक से आवक लेन-देन के लिए शुल्क लिया जाता है, जबकि NEFT में ऐसा नहीं है।
III. RTGS के परिचालन के घंटे कुछ दिनों में प्रतिबंधित होते हैं, जबकि NEFT के लिए यह बात सही नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
केवल I
I और II
I और III
केवल III
Correct Answer: A
Detailed Solution
Real Time Gross Settlement—RTGS में प्रत्येक लेन-देन का निपटान अलग-अलग, वास्तविक समय में और सकल आधार पर होता है।
Real Time का अर्थ है कि भुगतान निर्देश प्राप्त होने के बाद उसका निपटान प्रतीक्षा-अवधि के बिना किया जाता है।
Gross Settlement का अर्थ है कि प्रत्येक भुगतान का निपटान अन्य भुगतानों के साथ समायोजित किए बिना अलग-अलग होता है।
RTGS में निपटाया गया भुगतान अंतिम और अपरिवर्तनीय होता है। RTGS के माध्यम से भेजी जाने वाली न्यूनतम राशि ₹2 लाख है। RBI ने अधिकतम राशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं की है, यद्यपि कोई बैंक अपनी परिचालन-सीमा निर्धारित कर सकता है।
इसके विपरीत, National Electronic Funds Transfer—NEFT एक Deferred Net Settlement व्यवस्था है। इसमें लेन-देन का निपटान आधे घंटे के Batch में किया जाता है। इसलिए इसका निपटान RTGS की तरह प्रत्येक लेन-देन के लिए उसी क्षण नहीं होता।
कथन II सही नहीं है।
RTGS में लाभार्थी के खाते में प्राप्त होने वाले Inward Transaction के लिए ग्राहक से शुल्क नहीं लिया जाता। NEFT में भी आवक लेन-देन निःशुल्क है। इसलिए RTGS और NEFT के बीच कथन में बताया गया अंतर मौजूद नहीं है।
RBI ने बैंकों से RTGS और NEFT के माध्यम से किए गए लेन-देन पर अपने Processing Charges लेना भी समाप्त कर दिया था। ग्राहकों से लिए जाने वाले किसी अनुमत बाहरी शुल्क और आवक लेन-देन के शुल्क के बीच अंतर रखना आवश्यक है।
कथन III सही नहीं है।
NEFT को 16 दिसंबर 2019 से चौबीसों घंटे और वर्ष के सभी दिनों में उपलब्ध कराया गया। RTGS को भी 14 दिसंबर 2020 से चौबीसों घंटे उपलब्ध करा दिया गया।
अर्थात् 2025 में दोनों प्रणालियाँ:
24 × 7 × 365
आधार पर उपलब्ध थीं। इसलिए यह कहना गलत है कि RTGS के परिचालन घंटे कुछ दिनों में प्रतिबंधित थे।