JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ECONOMY · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

I. विश्व भर में कारोबार की जाने वाली सभी इक्विटी विकल्प संविदाओं के एक बहुत बड़े भाग का कारोबार भारत में होता है, जो इस प्रकार अत्यधिक तेजी प्रदर्शित करता है।

II. भारत का शेयर बाजार हाल के दिनों में तेजी से बढ़ा है और किसी समय हांगकांग के शेयर बाजार से भी आगे निकल गया था।

III. छोटे निवेशकों को विकल्प कारोबार के जोखिमों के विषय में चेतावनी देने अथवा इस संबंध में अपंजीकृत वित्तीय सलाहकारों पर कार्रवाई करने के लिए कोई विनियामक निकाय नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A.

केवल I और II

B.

केवल II और III

C.

केवल I और III

D.

I, II और III

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन I सही है। भारतीय प्रतिभूति बाजार में Equity Derivatives, विशेष रूप से Index Options के कारोबार में अत्यधिक वृद्धि हुई है। संविदाओं की संख्या के आधार पर भारतीय Exchanges का वैश्विक Equity Options कारोबार में बहुत बड़ा हिस्सा है।

यहाँ संविदाओं की संख्या और कारोबार के वास्तविक आर्थिक मूल्य में अंतर समझना आवश्यक है। बड़ी संख्या में Option Contracts का कारोबार होना आवश्यक रूप से यह नहीं दर्शाता कि प्रत्येक संविदा का मूल्य भी अधिक है। कम आकार वाली संविदाओं और बार-बार किए गए कारोबार से Contract Volume बहुत अधिक हो सकता है।

SEBI के अध्ययन में पाया गया कि Equity Futures and Options में कारोबार करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों का बहुत बड़ा अनुपात हानि उठाता है। इसलिए कारोबार की तेज वृद्धि को निवेशकों की लाभप्रदता के समान नहीं माना जा सकता।

कथन II सही है। भारतीय शेयर बाजार का Market Capitalisation हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा। इस वृद्धि के परिणामस्वरूप भारत का बाजार कुछ समय के लिए हांगकांग के शेयर बाजार से आगे निकलकर विश्व के सबसे बड़े शेयर बाजारों में चौथे स्थान पर पहुँच गया था।

Market Capitalisation की गणना इस प्रकार होती है:

Market Capitalisation = सूचीबद्ध शेयरों की संख्या × प्रति शेयर बाजार-मूल्य

Market Capitalisation प्रतिदिन शेयर-मूल्यों और विनिमय दरों के साथ बदल सकता है। इसलिए दो बाजारों की आपसी स्थिति बाद में फिर बदल सकती है। कथन में “किसी समय” शब्द इसी कारण महत्त्वपूर्ण है।

कथन III सही नहीं है। भारत में प्रतिभूति बाजार का विनियमन Securities and Exchange Board of India—SEBI करता है। SEBI निवेशकों को Futures and Options कारोबार के जोखिमों के विषय में चेतावनी देता है तथा Risk Disclosure से संबंधित नियम जारी करता है।

SEBI पंजीकरण के बिना Investment Adviser के रूप में काम करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों पर कार्रवाई भी कर सकता है। इसलिए यह कहना गलत है कि कोई विनियामक निकाय नहीं है।

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