Previous Year Question
भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
पिछले 10 वर्षों में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) चार गुना बढ़ा है।
पिछले 10 वर्षों में GDP में सार्वजनिक क्षेत्रक का प्रतिशत अंश घटा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
इस प्रश्न में GDP के निरपेक्ष आकार, उसकी वृद्धि दर तथा GDP में किसी क्षेत्रक के प्रतिशत अंश के बीच अंतर समझना आवश्यक है।
कथन 1 गलत है। प्रश्न से पहले के लगभग दस वर्षों में भारत का GDP वर्तमान बाजार कीमतों पर काफी बढ़ा, लेकिन यह ठीक चार गुना नहीं हुआ।
वर्तमान कीमतों पर भारत का GDP वर्ष 2007-08 में लगभग ₹50 लाख करोड़ था। वर्ष 2017-18 तक यह लगभग ₹171 लाख करोड़ के आसपास पहुँचा। इस प्रकार वृद्धि लगभग 3.4 गुना थी, चार गुना नहीं।
इसके अतिरिक्त, यदि GDP को Constant Prices पर मापा जाए, तो वृद्धि इससे भी कम दिखाई देती है क्योंकि Real GDP से Inflation का प्रभाव हटा दिया जाता है।
यहाँ अंतर है:
Nominal GDP: Current Prices पर मापा गया उत्पादन; इसमें वास्तविक उत्पादन और कीमतों की वृद्धि दोनों का प्रभाव होता है।
Real GDP: Constant Prices पर मापा गया उत्पादन; इसमें Inflation का प्रभाव हटा दिया जाता है।
इसलिए “GDP चार गुना बढ़ा” जैसा कथन मूल्यांकन की कीमतों और चुनी गई अवधि पर निर्भर करता है। प्रश्न की निर्धारित अवधि और आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार यह कथन सही नहीं था।
कथन 2 सही है। GDP में सार्वजनिक क्षेत्रक का प्रतिशत अंश पिछले दस वर्षों में घटा था। इसका अर्थ यह नहीं है कि Public Sector का वास्तविक उत्पादन या मौद्रिक आकार अनिवार्य रूप से घट गया। इसका अर्थ है कि Private Sector GDP की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ा।
वर्ष 1991 के बाद आर्थिक उदारीकरण से:
अनेक उद्योगों में Private Sector की भागीदारी बढ़ी;
Industrial Licensing में कमी आई;
सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित उद्योगों की संख्या घटी;
Disinvestment की प्रक्रिया अपनाई गई;
दूरसंचार, विमानन, बैंकिंग, बीमा और आधारभूत संरचना में निजी निवेश बढ़ा;
विदेशी तथा घरेलू निजी पूँजी के लिए अधिक क्षेत्र खोले गए।
यदि Public Sector का उत्पादन 5% बढ़ता है, लेकिन Private Sector का उत्पादन 10% बढ़ता है, तो सार्वजनिक क्षेत्र का निरपेक्ष उत्पादन बढ़ने के बावजूद GDP में उसका प्रतिशत अंश घट सकता है।
GDP में सार्वजनिक क्षेत्रक के योगदान में सामान्य सरकार, विभागीय उपक्रम तथा Public Sector Enterprises की आर्थिक गतिविधियाँ सम्मिलित हो सकती हैं। यह सरकारी बजट के कुल आकार अथवा केवल सरकारी कंपनियों के लाभ के समान अवधारणा नहीं है।