Previous Year Question
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में प्रतिपादित समावेशी संवृद्धि में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सम्मिलित नहीं है?
गरीबी का न्यूनीकरण
रोज़गार अवसरों का विस्तार
पूँजी बाज़ार का सुदृढ़ीकरण
लैंगिक असमानता का न्यूनीकरण
Correct Answer: C
Detailed Solution
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि 2007 से 2012 थी। इसका केंद्रीय विषय Faster and More Inclusive Growth अर्थात् तीव्रतर और अधिक समावेशी संवृद्धि था।
Inclusive Growth का अर्थ केवल GDP में तेज़ वृद्धि नहीं था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आर्थिक विकास के अवसर और लाभ गरीबों, महिलाओं, ग्रामीण समुदायों, सामाजिक रूप से वंचित वर्गों तथा पिछड़े क्षेत्रों तक पहुँचें।
विकल्प (a) समावेशी संवृद्धि में सम्मिलित था। गरीबी में कमी ग्यारहवीं योजना का प्रमुख उद्देश्य था। योजना का विचार था कि आर्थिक वृद्धि तभी समावेशी होगी, जब निम्न आय वाले परिवारों की आय और जीवन-स्तर में प्रत्यक्ष सुधार हो।
गरीबी न्यूनीकरण के लिए ग्रामीण रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, आवास और सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच बढ़ाने पर बल दिया गया।
विकल्प (b) समावेशी संवृद्धि में सम्मिलित था। केवल आर्थिक उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं था; योजना ने अधिक तथा गुणवत्तापूर्ण रोज़गार अवसर उत्पन्न करने पर बल दिया। विशेष रूप से कृषि के बाहर विनिर्माण, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में रोज़गार-विस्तार आवश्यक माना गया।
Skill Development को भी महत्त्व दिया गया, ताकि आर्थिक वृद्धि से उत्पन्न अवसरों का लाभ शिक्षित और अशिक्षित दोनों प्रकार के कामगार उठा सकें।
विकल्प (c) समावेशी संवृद्धि का प्रत्यक्ष घटक नहीं था। Capital Market का सुदृढ़ीकरण वित्तीय क्षेत्र के विकास और संसाधनों के संग्रह में सहायक हो सकता है, लेकिन इसे ग्यारहवीं योजना की Inclusive Growth Strategy के मुख्य सामाजिक उद्देश्यों में सम्मिलित नहीं किया गया था।
पूँजी बाजार का विकास अप्रत्यक्ष रूप से निवेश और आर्थिक वृद्धि में सहायता कर सकता है, किंतु यह अपने-आप गरीबी, लैंगिक असमानता या रोज़गार-वंचना को समाप्त नहीं करता।
विकल्प (d) समावेशी संवृद्धि में सम्मिलित था। ग्यारहवीं योजना ने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक भागीदारी और निर्णय-निर्माण में भूमिका बढ़ाने पर बल दिया। Gender Inequality में कमी Inclusive Growth का आवश्यक अंग थी।
योजना में समावेशन के निम्नलिखित आयामों पर विशेष ध्यान दिया गया:
गरीबी और आय-वंचना में कमी;
रोज़गार तथा आजीविका के अवसर;
शिक्षा और स्वास्थ्य तक समान पहुँच;
Gender Equality;
अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का विकास;
ग्रामीण-शहरी तथा अंतर-राज्यीय असमानताओं में कमी।