Previous Year Question
भारत की पंचवर्षीय योजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
द्वितीय पंचवर्षीय योजना से बुनियादी तथा पूँजीगत वस्तु उद्योगों के प्रतिस्थापन की दिशा में निश्चित रूप से बल दिया गया।
चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में धन तथा आर्थिक शक्ति के बढ़ते संकेंद्रण की पूर्व प्रवृत्ति को सुधारने का उद्देश्य अपनाया गया।
पंचम पंचवर्षीय योजना में, पहली बार, वित्तीय क्षेत्रक को योजना के एक अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित किया गया।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
केवल 1 और 2
केवल 2
केवल 3
1, 2 और 3
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। द्वितीय पंचवर्षीय योजना की अवधि 1956 से 1961 तक थी। यह मुख्यतः पी. सी. महालनोबिस द्वारा विकसित विकास-रणनीति पर आधारित थी। इसमें तीव्र औद्योगिकीकरण, भारी उद्योगों और पूँजीगत वस्तु उद्योगों के विकास पर विशेष बल दिया गया।
योजना की रणनीति में घरेलू स्तर पर मशीनों, इस्पात, भारी इंजीनियरिंग उपकरण और अन्य पूँजीगत वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाना शामिल था। इसका उद्देश्य आयातित मशीनों और औद्योगिक वस्तुओं पर भारत की निर्भरता कम करना तथा देश में स्वतंत्र औद्योगिक आधार विकसित करना था। इसे सामान्यतः आयात-प्रतिस्थापन औद्योगिकीकरण से जोड़ा जाता है।
इसी अवधि में भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र स्थापित किए गए। भारी मशीन निर्माण, कोयला, विद्युत, इंजीनियरिंग और आधारभूत संरचना में सार्वजनिक निवेश बढ़ाया गया।
कथन 2 सही है। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना की अवधि 1969 से 1974 तक थी। इसके प्रमुख उद्देश्य स्थिरता के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की क्रमिक प्राप्ति थे।
इस योजना ने स्वीकार किया कि पूर्ववर्ती विकास-प्रक्रिया से आय, संपत्ति और आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण की प्रवृत्ति उत्पन्न हुई थी। इसलिए विकास के लाभों का अधिक समान वितरण, सामाजिक न्याय और आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण को नियंत्रित करना योजना के उद्देश्यों में सम्मिलित था।
चतुर्थ योजना की अवधि में जुलाई 1969 में 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को बड़े औद्योगिक घरानों तक सीमित न रखकर कृषि, लघु उद्योग, निर्यात और कमजोर वर्गों जैसे प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों तक पहुँचाना था।
कथन 3 गलत है। पंचम पंचवर्षीय योजना वित्तीय क्षेत्रक को योजना का अभिन्न अंग बनाने वाली पहली योजना नहीं थी। वित्तीय संसाधनों के संग्रह, बैंकिंग, संस्थागत ऋण और सार्वजनिक निवेश की भूमिका पर इससे पहले की योजनाओं में भी विचार किया गया था। विशेष रूप से चतुर्थ योजना के समय बैंक राष्ट्रीयकरण के बाद वित्तीय प्रणाली को विकास और सामाजिक उद्देश्यों के साथ अधिक स्पष्ट रूप से जोड़ा गया।
पंचम पंचवर्षीय योजना 1974 से 1979 की अवधि के लिए बनाई गई थी। इसके प्रमुख उद्देश्य गरीबी हटाओ और आत्मनिर्भरता की प्राप्ति थे। अतः कथन में “पहली बार” कहा जाना गलत है।