Previous Year Question
भारत में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
CSR नियम निर्दिष्ट करते हैं कि कंपनी को प्रत्यक्ष रूप से या उसके कर्मचारियों को लाभ पहुँचाने वाले व्यय को CSR गतिविधियाँ नहीं माना जाएगा।
CSR नियम CSR गतिविधियों पर न्यूनतम व्यय निर्दिष्ट नहीं करते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: A
Detailed Solution
भारत में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का मुख्य वैधानिक आधार कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135, अधिनियम की अनुसूची VII तथा कंपनी (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति) नियम, 2014 हैं।
कथन 1 सही है। किसी कंपनी के कर्मचारियों और उनके परिवारों को विशेष रूप से लाभ पहुँचाने वाली गतिविधियाँ सामान्यतः CSR गतिविधियों के रूप में मान्य नहीं होतीं। इसी प्रकार, कंपनी द्वारा अपने उत्पादों या सेवाओं के लिए विपणन लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रायोजन के आधार पर की गई गतिविधियाँ भी CSR में सम्मिलित नहीं की जातीं।
CSR का लाभ व्यापक जनसमुदाय अथवा अधिनियम की अनुसूची VII में निर्धारित सामाजिक उद्देश्यों को मिलना चाहिए। केवल कंपनी या उसके कर्मचारियों के व्यावसायिक अथवा निजी लाभ के लिए किया गया व्यय CSR नहीं माना जाता।
CSR की परिभाषा से बाहर रखी गई प्रमुख गतिविधियों में निम्नलिखित सम्मिलित हैं:
कंपनी के सामान्य व्यवसाय-क्रम में की गई गतिविधियाँ;
भारत के बाहर की गतिविधियाँ—भारतीय खिलाड़ियों के प्रशिक्षण से संबंधित निर्धारित अपवाद को छोड़कर;
किसी राजनीतिक दल को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान;
कंपनी के कर्मचारियों को विशेष रूप से लाभ पहुँचाने वाली गतिविधियाँ;
विपणन लाभ प्राप्त करने के लिए प्रायोजन के आधार पर की गई गतिविधियाँ;
अन्य कानूनों के अंतर्गत कंपनी के वैधानिक दायित्वों को पूरा करने के लिए किया गया व्यय।
कथन 2 गलत है। कंपनी अधिनियम की धारा 135 CSR पर न्यूनतम व्यय निर्धारित करती है। अधिनियम के अंतर्गत आने वाली कंपनी के निदेशक मंडल को यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अपने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम-से-कम 2% CSR गतिविधियों पर खर्च करे।
धारा 135 सामान्यतः उस कंपनी पर लागू होती है जिसका ठीक पिछले वित्तीय वर्ष में:
निवल मूल्य कम-से-कम ₹500 करोड़ हो; अथवा
कारोबार कम-से-कम ₹1,000 करोड़ हो; अथवा
शुद्ध लाभ कम-से-कम ₹5 करोड़ हो।
यदि कंपनी ने तीन वित्तीय वर्ष पूरे नहीं किए हैं, तो उपलब्ध पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ के आधार पर 2% की गणना की जाती है।
यदि किसी चालू परियोजना के लिए निर्धारित CSR राशि खर्च नहीं होती, तो उसे वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर Unspent CSR Account में स्थानांतरित करना होता है। इसे अगले तीन वित्तीय वर्षों के भीतर परियोजना पर खर्च किया जाना चाहिए। गैर-चालू परियोजना से संबंधित अप्रयुक्त राशि को सामान्यतः वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह महीने के भीतर अनुसूची VII में निर्दिष्ट कोष में स्थानांतरित करना होता है।