Previous Year Question
भारत में, विधिक सेवा प्राधिकरण निम्नलिखित में से किस प्रकार के नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाएँ प्रदान करते हैं?
₹1,00,000 से कम वार्षिक आय वाला व्यक्ति
₹2,00,000 से कम वार्षिक आय वाला ट्रांसजेंडर
₹3,00,000 से कम वार्षिक आय वाला अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का सदस्य
सभी वरिष्ठ नागरिक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
केवल 1 और 2
केवल 3 और 4
केवल 2 और 3
केवल 1 और 4
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत निर्धारित आय-सीमा से कम वार्षिक आय वाला व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का पात्र है। प्रश्न से संबंधित अवधि में ₹1,00,000 से कम वार्षिक आय वाला व्यक्ति इस आय-आधारित पात्रता के अंतर्गत आता था।
कथन 2 सही है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रासंगिक पात्रता व्यवस्था के अनुसार ₹2,00,000 से कम वार्षिक आय वाले ट्रांसजेंडर व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जा सकती थी।
कथन 3 सही नहीं है। केवल अन्य पिछड़ा वर्ग का सदस्य होना विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 में स्वतः पात्रता प्रदान करने वाली पृथक श्रेणी नहीं है। ऐसा व्यक्ति निर्धारित आय-सीमा अथवा धारा 12 की किसी अन्य पात्र श्रेणी के अंतर्गत आने पर सहायता प्राप्त कर सकता है। प्रश्न में दी गई ₹3,00,000 की सीमा के आधार पर सभी OBC सदस्य पात्र नहीं होते।
कथन 4 सही नहीं है। प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक केवल आयु के आधार पर स्वतः निःशुल्क विधिक सेवा का अधिकारी नहीं होता। वरिष्ठ नागरिक निर्धारित आय-सीमा अथवा अधिनियम की अन्य पात्र श्रेणियों के अंतर्गत आने पर सहायता प्राप्त कर सकता है।
धारा 12 के अंतर्गत अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति के सदस्य, मानव तस्करी या बेगार के पीड़ित, महिलाएँ और बच्चे, दिव्यांग व्यक्ति, औद्योगिक कामगार, अभिरक्षा में रखे गए व्यक्ति तथा निर्धारित आय-सीमा से कम आय वाले व्यक्ति भी निःशुल्क विधिक सेवाओं के पात्र हैं।
निःशुल्क विधिक सेवा केवल अधिवक्ता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसमें न्यायालय शुल्क और अन्य वैधानिक व्यय का भुगतान, दस्तावेज तैयार कराना, आदेशों की प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त करना, विधिक सलाह तथा पात्र मामलों में अपील तैयार करना भी शामिल हो सकता है।