JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2021

Previous Year Question

राष्ट्रीय स्तर पर, अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कौन-सा मंत्रालय केंद्रक अभिकरण है?

A.

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

B.

पंचायती राज मंत्रालय

C.

ग्रामीण विकास मंत्रालय

D.

जनजातीय कार्य मंत्रालय

Correct Answer: D

Detailed Solution

अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 को सामान्यतः वन अधिकार अधिनियम—FRA, 2006 कहा जाता है। इसके राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय केंद्रक मंत्रालय है। इसलिए विकल्प (d) सही है।

अधिनियम का उद्देश्य वन में रहने वाली उन अनुसूचित जनजातियों और अन्य परंपरागत वन निवासियों के वन अधिकारों को मान्यता देना है, जिनके अधिकार औपनिवेशिक काल तथा स्वतंत्रता के बाद वन भूमि के व्यवस्थापन के दौरान अभिलिखित नहीं किए गए थे।

अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त प्रमुख अधिकारों में शामिल हैं:

  • निवास तथा आजीविका के लिए स्व-कृषि हेतु धारित वन भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार।

  • लघु वनोपज को एकत्र करने, उपयोग करने और उसका निपटान करने का अधिकार।

  • चराई, मत्स्यपालन, जलाशयों और अन्य सामुदायिक वन संसाधनों के उपयोग का अधिकार।

  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पर्यावास संबंधी अधिकार।

  • सामुदायिक वन संसाधनों की रक्षा, पुनरुत्पादन, संरक्षण और प्रबंधन का अधिकार।

  • वन ग्रामों, पुराने आवासों और सर्वेक्षण न किए गए ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कराने का अधिकार।

अधिनियम के अनुसार वन अधिकार वंशानुगत होते हैं, लेकिन इन्हें बेचा या किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित नहीं किया जा सकता। व्यक्तिगत वन भूमि संबंधी अधिकार वास्तविक कब्जे तक सीमित होते हैं और उनका क्षेत्रफल अधिकतम चार हेक्टेयर हो सकता है। यह प्रावधान नई वन भूमि आवंटित नहीं करता, बल्कि निर्धारित निर्णायक तारीख से पहले से विद्यमान कब्जे को मान्यता देता है।

दावों की प्रक्रिया ग्राम सभा से प्रारम्भ होती है। ग्राम सभा दावों को प्राप्त करके उनका सत्यापन करती है। इसके बाद उपखंड स्तरीय समिति और जिला स्तरीय समिति दावों की जाँच करती हैं। जिला स्तरीय समिति वन अधिकारों के अभिलेख पर अंतिम निर्णय देने वाली प्राधिकारी है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय वनों तथा पर्यावरण से संबंधित व्यापक प्रशासनिक विषयों को देखता है, लेकिन FRA, 2006 के कार्यान्वयन का केंद्रक मंत्रालय जनजातीय कार्य मंत्रालय है।

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