Previous Year Question
यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अधीन लाया जाए, तो निम्नलिखित कथनों में कौन-सा एक, इसके परिणाम को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है?
इससे जनजातीय लोगों की जमीनें गैर-जनजातीय लोगों को अंतरित करने पर रोक लगेगी।
इससे उस क्षेत्र में एक स्थानीय स्वशासी निकाय बन जाएगा।
इससे वह क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र में परिवर्तित हो जाएगा।
ऐसे क्षेत्रों वाले राज्य को विशेष कोटि का राज्य घोषित किया जाएगा।
Correct Answer: A
Detailed Solution
संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अनुसार, पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन तथा नियंत्रण से संबंधित है। यह असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम को छोड़कर अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों पर लागू होती है। इन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के लिए मुख्यतः छठी अनुसूची की व्यवस्था है।
पाँचवीं अनुसूची के पैरा 5 के अंतर्गत राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बना सकता है। इनमें विशेष रूप से निम्नलिखित विषय सम्मिलित हैं:
अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के अंतरण को प्रतिबंधित अथवा नियंत्रित करना।
अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को भूमि के आवंटन का विनियमन करना।
अनुसूचित जनजातियों को धन उधार देने वाले व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले व्यवसाय को नियंत्रित करना।
इसलिए पाँचवीं अनुसूची का प्रमुख व्यावहारिक परिणाम जनजातीय भूमि को गैर-जनजातीय व्यक्तियों के हाथों जाने से बचाने के लिए विशेष संवैधानिक एवं विनियामक संरक्षण उपलब्ध कराना है। विकल्प (a) इसी परिणाम को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करता है।
हालाँकि, पाँचवीं अनुसूची अपने-आप प्रत्येक भूमि-अंतरण पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती। यह राज्यपाल को ऐसा अंतरण प्रतिबंधित या नियंत्रित करने के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है। ऐसे विनियम राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होने के बाद प्रभावी होते हैं तथा विनियम बनाते समय राज्यपाल द्वारा जनजाति सलाहकार परिषद से परामर्श किया जाना अपेक्षित है।
विकल्प (b) सही नहीं है क्योंकि किसी क्षेत्र को पाँचवीं अनुसूची में शामिल करने मात्र से वहाँ नया स्थानीय स्वशासी निकाय स्वतः स्थापित नहीं होता। पाँचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था का विस्तार पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 अर्थात् PESA के माध्यम से किया गया है।
विकल्प (c) सही नहीं है क्योंकि अनुसूचित क्षेत्र घोषित किए जाने से वह क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र नहीं बनता। वह संबंधित राज्य का ही भाग रहता है। विकल्प (d) भी सही नहीं है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची में किसी क्षेत्र को शामिल करने का किसी राज्य को “विशेष कोटि का राज्य” घोषित किए जाने से कोई संबंध नहीं है।