JAGTIV · Previous Year Questions

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POLITY · 2024

Previous Year Question

उत्तर-पूर्वी परिषद (NEC) की स्थापना उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 द्वारा की गई थी। वर्ष 2002 में NEC अधिनियम में संशोधन के पश्चात परिषद में निम्नलिखित में से कौन-कौन सदस्य सम्मिलित हैं?

  1. घटक राज्य के राज्यपाल

  2. घटक राज्य के मुख्यमंत्री

  3. भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित तीन सदस्य

  4. भारत के गृह मंत्री

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

A.

1, 2 और 3

B.

1, 3 और 4

C.

2 और 4

D.

1, 2, 3 और 4

Correct Answer: A

Detailed Solution

उत्तर-पूर्वी परिषद एक सांविधिक क्षेत्रीय निकाय है। इसकी स्थापना उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 के अंतर्गत हुई और इसने वर्ष 1972 में कार्य करना प्रारंभ किया।

उत्तर-पूर्वी परिषद (संशोधन) अधिनियम, 2002 के बाद परिषद की मूल सदस्यता में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • आठों घटक राज्यों के राज्यपाल।

  • आठों घटक राज्यों के मुख्यमंत्री।

  • राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्देशित तीन सदस्य।

कथन 4 क्यों सम्मिलित नहीं है?

वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में केंद्रीय गृह मंत्री उत्तर-पूर्वी परिषद के पदेन अध्यक्ष और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री इसके पदेन उपाध्यक्ष हैं। फिर भी 2002 के संशोधित अधिनियम में केंद्रीय गृह मंत्री को केवल पद के आधार पर परिषद की मूल सदस्य-संरचना में अलग अनिवार्य श्रेणी के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया।

अधिनियम राष्ट्रपति को परिषद का अध्यक्ष नामनिर्देशित करने तथा आवश्यकता होने पर किसी केंद्रीय मंत्री को परिषद के सदस्य के रूप में नामनिर्देशित करने की शक्ति देता है। केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता इसी वैधानिक नामांकन और बाद की सरकारी व्यवस्था से संबंधित है। इसलिए कथन 4 को अधिनियम में निर्धारित मूल सदस्य-संरचना का स्वतः अनिवार्य भाग नहीं माना गया।

उत्तर-पूर्वी परिषद के घटक राज्य

परिषद में निम्नलिखित आठ राज्य सम्मिलित हैं:

  1. अरुणाचल प्रदेश

  2. असम

  3. मणिपुर

  4. मेघालय

  5. मिजोरम

  6. नागालैंड

  7. सिक्किम

  8. त्रिपुरा

सिक्किम को 2002 के संशोधन द्वारा परिषद में सम्मिलित किया गया। इससे पहले परिषद सात उत्तर-पूर्वी राज्यों से संबंधित थी।

परिषद के प्रमुख कार्य

2002 के संशोधन के बाद उत्तर-पूर्वी परिषद को क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक प्रमुख क्षेत्रीय योजना निकाय के रूप में अधिक व्यापक भूमिका दी गई। इसके कार्यों में शामिल हैं:

  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय योजनाओं और परियोजनाओं पर विचार करना।

  • राज्यों के साझा हित वाली परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना।

  • अंतर्राज्यीय परिवहन, संचार, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना में समन्वय करना।

  • क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को सुझाव देना।

  • परियोजनाओं के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा करना।

  • राज्यों के बीच साझा सुरक्षा और विकास-संबंधी विषयों पर विचार करना।

परिषद का मुख्यालय शिलांग, मेघालय में है और यह उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के प्रशासनिक क्षेत्र में कार्य करती है।

क्षेत्रीय परिषदों से अंतर

उत्तर-पूर्वी परिषद, राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत गठित पाँच क्षेत्रीय परिषदों में से एक नहीं है। यह उत्तर-पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 के अंतर्गत स्थापित अलग सांविधिक निकाय है।

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