Previous Year Question
निम्नलिखित में से किस निकाय/किन निकायों का संविधान में उल्लेख नहीं है?
राष्ट्रीय विकास परिषद
योजना आयोग
आंचलिक परिषदें
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
1 और 2
केवल 2
1 और 3
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: D
Detailed Solution
राष्ट्रीय विकास परिषद, योजना आयोग और आंचलिक परिषदों—तीनों का संविधान में उल्लेख नहीं है। हालांकि इनकी स्थापना का आधार और संस्थागत प्रकृति एक समान नहीं थी।
राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन वर्ष 1952 में केंद्र सरकार के कार्यकारी संकल्प द्वारा किया गया था। यह राष्ट्रीय योजनाओं पर केंद्र और राज्यों के बीच विचार-विमर्श तथा समन्वय का मंच थी। इसका कोई संवैधानिक या वैधानिक आधार नहीं था।
योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च, 1950 को भारत सरकार के संकल्प द्वारा की गई थी। यह भी एक गैर-संवैधानिक और गैर-वैधानिक कार्यकारी निकाय था। इसके प्रमुख कार्यों में देश के संसाधनों का आकलन, पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण, प्राथमिकताओं का निर्धारण और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा शामिल थी। इसे 2015 में नीति आयोग द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।
आंचलिक परिषदें संविधान में उल्लिखित नहीं हैं, लेकिन वे राष्ट्रीय विकास परिषद और योजना आयोग की तरह कार्यकारी निकाय नहीं हैं। उनका गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किया गया है; इसलिए वे वैधानिक निकाय हैं।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत पाँच आंचलिक परिषदें हैं—उत्तरी, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी। केंद्रीय गृह मंत्री इन परिषदों के सामान्य अध्यक्ष होते हैं। संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री बारी-बारी से एक वर्ष के लिए उपाध्यक्ष होते हैं।
आंचलिक परिषदें आर्थिक और सामाजिक योजना, सीमा-विवाद, अंतर्राज्यीय परिवहन, भाषायी अल्पसंख्यकों और राज्यों के बीच सहयोग से संबंधित विषयों पर विचार करती हैं। इनका स्वरूप मुख्यतः परामर्शदात्री है।
आंचलिक परिषद को अनुच्छेद 263 के अंतर्गत अंतर्राज्य परिषद से नहीं मिलाना चाहिए। अंतर्राज्य परिषद का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 263 में है, जबकि आंचलिक परिषदों का आधार राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 है।