Previous Year Question
भारत में निम्नलिखित संगठनों/निकायों पर विचार कीजिए:
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
राष्ट्रीय विधि आयोग
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग
उपर्युक्त में से कितने संवैधानिक निकाय हैं?
केवल एक
केवल दो
केवल तीन
सभी चार
Correct Answer: A
Detailed Solution
दिए गए चार निकायों में केवल राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संवैधानिक निकाय है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संवैधानिक निकाय है। संविधान (102वाँ संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा अनुच्छेद 338B जोड़कर आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इससे पहले यह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993 के अंतर्गत वैधानिक निकाय था।
अनुच्छेद 338B के अनुसार आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं। इसके प्रमुख कार्यों में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के संवैधानिक एवं विधिक सुरक्षा उपायों की जाँच, विशिष्ट शिकायतों की पड़ताल तथा उनके सामाजिक-आर्थिक विकास पर सरकार को सलाह देना शामिल है।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग संवैधानिक नहीं, बल्कि वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत हुई। यह मानव अधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जाँच, कारागारों और निरोध संस्थाओं का निरीक्षण, मानव अधिकार संबंधी सुरक्षा उपायों की समीक्षा तथा सरकार को संस्तुतियाँ देने का कार्य करता है।
राष्ट्रीय विधि आयोग संवैधानिक या वैधानिक निकाय नहीं है। यह केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचना या कार्यकारी आदेश के माध्यम से गठित एक कार्यकारी निकाय है। इसका काम कानूनों की समीक्षा करना और विधि सुधारों के संबंध में सरकार को संस्तुतियाँ देना है। इसकी रिपोर्टें संस्तुतिपरक होती हैं और सरकार पर बाध्यकारी नहीं होतीं।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग वैधानिक अर्ध-न्यायिक निकाय है। इसे पहले उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत स्थापित किया गया था। वर्तमान में इसका आधार उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 है। यह उपभोक्ता विवादों के निवारण की त्रि-स्तरीय व्यवस्था में राष्ट्रीय स्तर का आयोग है।
इन निकायों की प्रकृति इस प्रकार है:
निकाय | प्रकृति |
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग | संवैधानिक |
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग | वैधानिक |
राष्ट्रीय विधि आयोग | कार्यकारी |
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग | वैधानिक अर्ध-न्यायिक |