JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2010

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सा प्राधिकारी किसी राज्य के राज्यपाल को उन सिद्धांतों के संबंध में संस्तुति करता है, जिनके द्वारा उस राज्य में पंचायतों द्वारा विनियोजित किए जा सकने वाले करों और शुल्कों का निर्धारण किया जाना चाहिए?

A.

जिला योजना समितियाँ

B.

राज्य वित्त आयोग

C.

उस राज्य का वित्त मंत्रालय

D.

उस राज्य का पंचायती राज मंत्रालय

Correct Answer: B

Detailed Solution

संविधान के अनुच्छेद 243I के अनुसार पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करने और राज्यपाल को निर्धारित वित्तीय विषयों पर संस्तुतियाँ देने का उत्तरदायित्व राज्य वित्त आयोग का है।

राज्यपाल 73वें संविधान संशोधन के प्रारम्भ होने के एक वर्ष के भीतर और उसके बाद प्रत्येक पाँचवें वर्ष राज्य वित्त आयोग का गठन करता है। आयोग की संरचना, सदस्यों की अर्हताएँ और उनके चयन की रीति राज्य विधानमंडल द्वारा कानून से निर्धारित की जाती है।

राज्य वित्त आयोग राज्यपाल को निम्नलिखित सिद्धांतों के विषय में संस्तुति करता है:

  • राज्य द्वारा लगाए जाने वाले करों, शुल्कों, पथकरों और फीसों के शुद्ध आगमों का राज्य और पंचायतों के बीच वितरण तथा पंचायतों के विभिन्न स्तरों में उनका आवंटन।

  • ऐसे करों, शुल्कों, पथकरों और फीसों का निर्धारण, जिन्हें पंचायतों को सौंपा या उनके द्वारा विनियोजित किया जा सकता है।

  • राज्य की संचित निधि से पंचायतों को दिए जाने वाले सहायता अनुदान।

  • पंचायतों की वित्तीय स्थिति सुधारने के उपाय।

राज्यपाल आयोग की संस्तुतियों तथा उन पर की गई कार्रवाई के स्पष्टीकरणात्मक ज्ञापन को राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाता है।

अनुच्छेद 243Y के अनुसार वही राज्य वित्त आयोग नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का भी पुनर्विलोकन करता है। इसलिए यह आयोग ग्रामीण और नगरीय दोनों स्थानीय निकायों के वित्तीय विकेंद्रीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जिला योजना समिति का काम जिला विकास योजना तैयार करना है। राज्य का वित्त मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय नीतियों तथा प्रशासन में भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन अनुच्छेद 243I के अंतर्गत संवैधानिक संस्तुति राज्य वित्त आयोग ही करता है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.