Previous Year Question
स्थानीय स्वशासन को सर्वोत्तम रूप से किसका प्रयोग कहा जा सकता है?
संघवाद
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
प्रशासनिक प्रत्यायोजन
प्रत्यक्ष लोकतंत्र
Correct Answer: B
Detailed Solution
स्थानीय स्वशासन को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का प्रयोग माना जाता है। इसमें शासन की शक्तियाँ, उत्तरदायित्व और संसाधन केंद्रीय या राज्य स्तर से निर्वाचित स्थानीय निकायों को हस्तांतरित किए जाते हैं। इससे स्थानीय जनता अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं और निर्णयों में भाग ले सकती है।
भारत में ग्रामीण स्तर पर पंचायतें और नगरीय स्तर पर नगरपालिकाएँ स्थानीय स्वशासन की संस्थाएँ हैं। संविधान के भाग IX और भाग IX-A में इनके गठन, निर्वाचन, आरक्षण, कार्यकाल, वित्त और अन्य संस्थागत व्यवस्थाओं के प्रावधान किए गए हैं। 73वें और 74वें संविधान संशोधनों ने इन्हें संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के तीन प्रमुख पक्ष होते हैं—कार्यों का हस्तांतरण, उन कार्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधन और निर्णय लागू करने वाले कर्मचारी। इन्हें सामान्यतः Functions, Funds and Functionaries कहा जाता है। केवल कार्य सौंप देना वास्तविक विकेंद्रीकरण नहीं है; स्थानीय निकाय को आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता भी मिलनी चाहिए।
संघवाद मुख्यतः केंद्र और राज्यों के बीच संवैधानिक शक्ति-विभाजन से संबंधित है। पंचायतें और नगरपालिकाएँ सामान्यतः तीसरे स्तर की सरकार कही जाती हैं, लेकिन स्थानीय स्वशासन की मूल विशेषता संघवाद से अधिक लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण है।
प्रशासनिक प्रत्यायोजन में उच्च प्राधिकारी अपने अधीनस्थ निकाय को कुछ कार्य सौंपता है, परंतु अंतिम नियंत्रण अपने पास रखता है। इसके विपरीत, स्थानीय स्वशासन में निर्वाचित स्थानीय संस्थाओं को कानून और संविधान के अनुसार स्वयं निर्णय लेने की भूमिका मिलती है।
यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र भी नहीं है, क्योंकि स्थानीय निकायों के अधिकांश निर्णय निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा लिए जाते हैं। ग्राम सभा में प्रत्यक्ष लोकतंत्र के कुछ तत्व अवश्य पाए जाते हैं, लेकिन पूरी स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को प्रत्यक्ष लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता।