Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतें सभी राज्यों में विद्यमान हैं।
मध्यवर्ती स्तर पर किसी पंचायत का सदस्य होने के लिए पात्र व्यक्ति को तीस वर्ष की आयु प्राप्त कर लेनी चाहिए।
राज्य का मुख्यमंत्री मध्यवर्ती स्तर की पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करने और राज्य तथा मध्यवर्ती स्तर की पंचायतों के बीच राज्य द्वारा उद्ग्रहणीय करों और शुल्कों के शुद्ध आगमों के वितरण के संबंध में सिफारिशें करने के लिए एक समिति गठित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही नहीं हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 सही नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 243B के अनुसार सामान्यतः ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाता है। किंतु जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है, वहाँ मध्यवर्ती स्तर की पंचायत गठित करना अनिवार्य नहीं है। इसलिए मध्यवर्ती स्तर की पंचायतें सभी राज्यों में विद्यमान नहीं होतीं।
कथन 2 सही नहीं है। अनुच्छेद 243F के अनुसार किसी व्यक्ति को केवल इस आधार पर पंचायत की सदस्यता के लिए निरर्हित नहीं किया जा सकता कि उसकी आयु 25 वर्ष से कम है, यदि वह 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है। इस प्रकार पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 30 वर्ष नहीं।
कथन 3 सही नहीं है। पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करने के लिए समिति का गठन मुख्यमंत्री नहीं करता। अनुच्छेद 243I के अनुसार राज्य का राज्यपाल प्रत्येक पाँचवें वर्ष राज्य वित्त आयोग का गठन करता है।
राज्य वित्त आयोग पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करता है और राज्यपाल को करों, शुल्कों, पथकरों और फीसों के शुद्ध आगमों के राज्य तथा पंचायतों के बीच वितरण; पंचायतों को सौंपे जाने वाले करों; राज्य की संचित निधि से सहायता अनुदान तथा पंचायतों की वित्तीय स्थिति सुधारने के उपायों के संबंध में सिफारिशें देता है। इसका कार्य केवल मध्यवर्ती पंचायतों तक सीमित नहीं है।