Previous Year Question
संघ सरकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
एन० गोपालस्वामी आयंगर समिति ने सुझाव दिया था कि किसी मंत्री और किसी सचिव को केवल प्रशासनिक सुधार के विषय को आगे बढ़ाने और उसे प्रोत्साहित करने के लिए अभिहित किया जाना चाहिए।
1970 में, प्रशासनिक सुधार आयोग, 1966 की अनुशंसा पर कार्मिक विभाग का गठन किया गया और इसे प्रधानमंत्री के प्रभार में रखा गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1, न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है
एन० गोपालस्वामी आयंगर ने वर्ष 1949 में केंद्र सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर “केंद्र सरकार की मशीनरी का पुनर्गठन” नामक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था।
प्रतिवेदन का प्रमुख केंद्र था:
मंत्रालयों और विभागों का तर्कसंगत समूहीकरण;
मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय;
सचिवालय की कार्यक्षमता में सुधार;
अधिकारियों की कार्मिक क्षमता का बेहतर उपयोग; तथा
संगठन और पद्धति—Organisation and Methods—से संबंधित व्यवस्था को मजबूत करना।
उनकी अनुशंसाओं के बाद केंद्र सरकार में संगठन एवं पद्धति संबंधी सुधारों को संस्थागत आधार मिला और 1954 में मंत्रिमंडल सचिवालय में O&M Division स्थापित किया गया।
लेकिन केवल प्रशासनिक सुधार के कार्य को आगे बढ़ाने और प्रोत्साहित करने के लिए अलग से एक मंत्री तथा सचिव को अभिहित करने वाला प्रश्न में उल्लिखित विशिष्ट सुझाव एन० गोपालस्वामी आयंगर समिति का नहीं था।
कथन 2 सही है
भारत सरकार ने जनवरी 1966 में प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग गठित किया था। आयोग ने कार्मिक प्रशासन को अधिक एकीकृत और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र में एक पृथक कार्मिक विभाग स्थापित करने की अनुशंसा की।
इस अनुशंसा के आधार पर:
अगस्त 1970 में मंत्रिमंडल सचिवालय में कार्मिक विभाग—Department of Personnel स्थापित किया गया।
इसे प्रधानमंत्री के प्रभार में रखा गया।
इसका उद्देश्य अखिल भारतीय सेवाओं, केंद्रीय सेवाओं, भर्ती, प्रशिक्षण, कार्मिक नीति और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विषयों में समन्वय स्थापित करना था।
बाद का संस्थागत विकास
वर्ष 1973 में कार्मिक विभाग को मंत्रिमंडल सचिवालय से गृह मंत्रालय में स्थानांतरित किया गया।
वर्ष 1977 में इसका नाम कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग रखा गया।
वर्ष 1985 में केंद्र सरकार के पुनर्गठन के बाद कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय बनाया गया।
इसके अंतर्गत कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग—DoPT—संघ सरकार की कार्मिक नीतियों, भर्ती, प्रशिक्षण, सतर्कता और सेवा मामलों का प्रमुख समन्वयकारी विभाग बना।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग—DARPG—प्रशासनिक सुधार, सुशासन और लोक शिकायत निवारण से संबंधित कार्य करता है।