Previous Year Question
प्रतिषेध रिट उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालयों द्वारा जारी किया गया एक आदेश है, जो—
किसी सरकारी अधिकारी को कोई विशिष्ट कार्रवाई करने से प्रतिषिद्ध करता है।
संसद/विधान सभा को प्रतिषेध पर कोई विधि पारित करने से प्रतिषिद्ध करता है।
निचले न्यायालय को किसी मामले में कार्यवाही जारी रखने से प्रतिषिद्ध करता है।
सरकार को किसी असंवैधानिक नीति का अनुसरण करने से प्रतिषिद्ध करता है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
प्रतिषेध रिट—Writ of Prohibition उच्चतर न्यायालय द्वारा किसी अधीनस्थ न्यायालय या न्यायिक/अर्ध-न्यायिक अधिकरण को जारी किया जाता है। इसके माध्यम से अधीनस्थ निकाय को ऐसी लंबित कार्यवाही जारी रखने से रोका जाता है जो:
उसके क्षेत्राधिकार से बाहर हो;
उसके क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण करती हो;
विधि के स्पष्ट उल्लंघन पर आधारित हो; अथवा
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हो।
संवैधानिक आधार
अनुच्छेद 32: उच्चतम न्यायालय मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी कर सकता है।
अनुच्छेद 226: उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ अन्य विधिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
इसलिए अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की रिट-अधिकारिता अनुच्छेद 32 की तुलना में अधिक विस्तृत है।
प्रतिषेध और उत्प्रेषण में अंतर
प्रतिषेध—Prohibition: निवारक प्रकृति का है। यह कार्यवाही पूर्ण होने से पहले अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को आगे बढ़ने से रोकता है।
उत्प्रेषण—Certiorari: सामान्यतः सुधारात्मक प्रकृति का है। उच्चतर न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण के ऐसे आदेश को निरस्त करता है जो अधिकारिता के बिना अथवा विधि के विरुद्ध दिया गया हो।
विकल्पों का परीक्षण
विकल्प (a) गलत: किसी सरकारी अधिकारी को वैधानिक कर्तव्य पूरा करने का आदेश सामान्यतः परमादेश—Mandamus—के माध्यम से दिया जाता है। प्रतिषेध रिट का विशिष्ट लक्ष्य अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण होता है।
विकल्प (b) गलत: न्यायालय संसद या विधान सभा को किसी विषय पर कानून बनाने का निर्देश प्रतिषेध रिट द्वारा नहीं देता।
विकल्प (c) सही: यह अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को अधिकारिता से बाहर की लंबित कार्यवाही जारी रखने से रोकता है।
विकल्प (d) गलत: असंवैधानिक सरकारी नीति को अन्य उपयुक्त संवैधानिक उपचारों द्वारा चुनौती दी जा सकती है, लेकिन यह प्रतिषेध रिट की विशिष्ट परिभाषा नहीं है।