JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2023

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन-I: भारत में, कारागारों का प्रबंधन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है और कारागारों के दिन-प्रतिदिन के प्रशासन के लिए उनके अपने नियम और विनियम हैं।

कथन-II: भारत में, कारागार, कारागार अधिनियम, 1894 द्वारा शासित हैं, जिसने कारागार के विषय को स्पष्ट रूप से प्रांतीय सरकारों के नियंत्रण में रखा था।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या करता है।

B.

कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं करता है।

C.

कथन-I सही है, किंतु कथन-II सही नहीं है।

D.

कथन-I सही नहीं है, किंतु कथन-II सही है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

कारागारों का प्रशासन मुख्यतः राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। इसकी ऐतिहासिक विधिक पृष्ठभूमि कारागार अधिनियम, 1894 में और वर्तमान संवैधानिक स्थिति सातवीं अनुसूची की राज्य सूची में मिलती है।

इसलिए दोनों कथन सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।

कथन-I सही है

संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची की प्रविष्टि 4 में निम्न विषय सम्मिलित हैं—

  • कारागार

  • सुधारालय

  • बोर्स्टल संस्थाएं

  • इनमें निरुद्ध व्यक्ति

  • कारागारों और अन्य राज्यों की समान संस्थाओं के उपयोग से संबंधित व्यवस्थाएं

इस कारण कारागारों की स्थापना, रखरखाव, सुरक्षा और दैनिक प्रशासन राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

राज्य सरकारें अपने कारागार नियमों और कारागार नियमावलियों के माध्यम से निम्न विषयों का विनियमन करती हैं—

  • कैदियों का प्रवेश और वर्गीकरण

  • कारागार अनुशासन और सुरक्षा

  • भोजन, वस्त्र और चिकित्सा सुविधाएं

  • कैदियों से मुलाकात और पत्राचार

  • श्रम, शिक्षा और सुधारात्मक कार्यक्रम

  • पैरोल, फर्लो और समयपूर्व रिहाई

  • महिला तथा बाल कैदियों से संबंधित व्यवस्था

कथन-II सही है

कारागार अधिनियम, 1894 कारागार प्रशासन से संबंधित प्रमुख ऐतिहासिक केंद्रीय कानून है। इस अधिनियम ने कारागारों के प्रशासन और नियम बनाने में तत्कालीन प्रांतीय सरकारों को प्रमुख भूमिका प्रदान की थी।

संविधान लागू होने के बाद “प्रांतीय सरकार” से संबंधित शक्तियां संबंधित राज्य सरकारों द्वारा प्रयोग की जाने लगीं। अधिनियम की धारा 59 राज्य सरकारों को कारागारों से संबंधित विस्तृत नियम बनाने की शक्ति देती है।

इस ऐतिहासिक और वैधानिक व्यवस्था के कारण राज्यों ने अपने-अपने कारागार नियम तथा नियमावलियां बनाई हैं। इसलिए कथन-II यह स्पष्ट करता है कि कारागारों का दिन-प्रतिदिन का प्रशासन राज्यों के नियंत्रण में क्यों है।

केंद्र सरकार की भूमिका

कारागार राज्य सूची का विषय होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय की भूमिका मुख्यतः परामर्शात्मक है।

केंद्र सरकार राज्यों को सुधार के लिए आदर्श दस्तावेज उपलब्ध करा सकती है, जैसे—

  • आदर्श कारागार नियमावली, 2016

  • आदर्श कारागार एवं सुधारात्मक सेवा अधिनियम, 2023

  • कारागार आधुनिकीकरण तथा सुरक्षा से संबंधित परामर्श

ये आदर्श दस्तावेज राज्यों पर स्वतः लागू नहीं होते। राज्यों को अपनी विधायी अथवा नियम-निर्माण प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें अपनाना होता है।

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