JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2011

Previous Year Question

जब वार्षिक संघीय बजट लोक सभा द्वारा पारित नहीं किया जाता, तब

A.

बजट में संशोधन किया जाता है और उसे पुनः प्रस्तुत किया जाता है।

B.

बजट सुझावों के लिए राज्य सभा को भेज दिया जाता है।

C.

संघ के वित्त मंत्री से त्यागपत्र देने के लिए कहा जाता है।

D.

प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र प्रस्तुत करता है।

Correct Answer: D

Detailed Solution

संसदीय शासन प्रणाली में बजट अथवा सरकार के किसी प्रमुख वित्तीय प्रस्ताव की लोकसभा में पराजय को सामान्यतः सरकार द्वारा सदन का विश्वास खो देना माना जाता है। इसलिए प्रधानमंत्री को संपूर्ण मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र राष्ट्रपति को प्रस्तुत करना पड़ता है।

संवैधानिक आधार

संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। सरकार तभी तक पद पर रह सकती है, जब तक उसे लोकसभा का विश्वास प्राप्त हो।

बजट सरकार की आय, व्यय, कराधान और नीतिगत प्राथमिकताओं से संबंधित प्रमुख वित्तीय प्रस्ताव है। लोकसभा द्वारा इसे अस्वीकार करना यह प्रदर्शित करता है कि सरकार को सदन के बहुमत का समर्थन प्राप्त नहीं है।

‘बजट पारित होना’ क्या है?

तकनीकी रूप से वार्षिक वित्तीय विवरण पर मतदान नहीं होता। बजट की संसदीय स्वीकृति में कई चरण शामिल होते हैं:

  • अनुच्छेद 112 के अंतर्गत वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत करना।

  • सामान्य चर्चा।

  • विभागीय स्थायी समितियों द्वारा अनुदानों की माँगों की जाँच।

  • लोकसभा द्वारा अनुदानों की माँगों पर मतदान—अनुच्छेद 113।

  • विनियोग विधेयक पारित करना—अनुच्छेद 114।

  • वित्त विधेयक के माध्यम से कराधान प्रस्तावों को प्रभावी बनाना।

इसलिए ‘बजट पारित न होना’ सामान्यतः अनुदानों की माँग, विनियोग विधेयक अथवा किसी प्रमुख वित्तीय प्रस्ताव की पराजय को व्यक्त करता है।

राज्यसभा की भूमिका

  • राज्यसभा बजट पर चर्चा कर सकती है।

  • राज्यसभा अनुदानों की माँगों पर मतदान नहीं कर सकती।

  • विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक यदि धन विधेयक की श्रेणी में आते हैं, तो राज्यसभा केवल सिफारिशें कर सकती है।

  • राज्यसभा को धन विधेयक 14 दिनों के भीतर लोकसभा को लौटाना होता है।

  • लोकसभा राज्यसभा की सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।

अतः बजट को स्वीकृत या अस्वीकृत करने में निर्णायक शक्ति लोकसभा के पास होती है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

  • विकल्प (a): सरकार नया या संशोधित वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है, लेकिन बजट की स्पष्ट पराजय पहले सरकार के बहुमत पर प्रश्न खड़ा करती है। सरकार स्वतः केवल संशोधित बजट प्रस्तुत करके पद पर बनी नहीं रह सकती।

  • विकल्प (b): बजट को स्वीकृति प्राप्त करने के लिए राज्यसभा के पास सुझाव हेतु भेजना इस पराजय का संवैधानिक समाधान नहीं है।

  • विकल्प (c): बजट मंत्रिपरिषद की सामूहिक नीति है। इसकी पराजय के लिए केवल वित्त मंत्री उत्तरदायी नहीं होता; सामूहिक उत्तरदायित्व के कारण पूरी मंत्रिपरिषद उत्तरदायी होती है।

त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद राष्ट्रपति निवर्तमान मंत्रिपरिषद से वैकल्पिक सरकार बनने तक कार्यवाहक रूप में काम जारी रखने के लिए कह सकता है।

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