JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2012

Previous Year Question

भारत की संसद में स्थगन प्रस्ताव का उद्देश्य है

A.

अविलम्बनीय लोक महत्त्व के किसी निश्चित मामले पर चर्चा की अनुमति देना

B.

विपक्षी सदस्यों को मंत्रियों से सूचना एकत्र करने देना

C.

अनुदान की माँग में किसी विशिष्ट राशि की कटौती की अनुमति देना

D.

कुछ सदस्यों के अनुचित अथवा हिंसक व्यवहार की जाँच करने के लिए कार्यवाही स्थगित करना

Correct Answer: A

Detailed Solution

स्थगन प्रस्ताव का उद्देश्य सदन के सामान्य कार्य को स्थगित करके अविलम्बनीय लोक महत्त्व के किसी निश्चित और तात्कालिक मामले पर चर्चा कराना है।

यह एक असाधारण संसदीय उपाय है क्योंकि इसके स्वीकार होने पर सदन के पूर्वनिर्धारित सामान्य कार्य को रोककर संबंधित विषय पर चर्चा की जाती है।

स्थगन प्रस्ताव की प्रमुख शर्तें

जिस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाया जाता है, वह:

  • निश्चित और तथ्यात्मक होना चाहिए।

  • अत्यावश्यक तथा हाल की घटना से संबंधित होना चाहिए।

  • व्यापक लोक महत्त्व का होना चाहिए।

  • प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संघ सरकार के उत्तरदायित्व से संबंधित होना चाहिए।

  • काल्पनिक, अस्पष्ट अथवा सामान्य प्रकृति का नहीं होना चाहिए।

  • विशेषाधिकार प्रश्न, न्यायालय में विचाराधीन विषय या पहले से निर्धारित चर्चा से संबंधित नहीं होना चाहिए।

  • एक ही प्रस्ताव में एक से अधिक असंबद्ध विषयों को शामिल नहीं करना चाहिए।

प्रस्ताव की स्वीकार्यता पर निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है। इसे स्वीकार करने के लिए सदन में कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है।

केवल लोकसभा में

स्थगन प्रस्ताव केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। इसे राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसमें सरकार की आलोचना या निंदा का तत्व निहित होता है और मंत्रिपरिषद संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अंतर्गत लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।

स्थगन प्रस्ताव संविधान में उल्लिखित नहीं है। इसकी प्रक्रिया लोकसभा के नियमों और संसदीय परम्पराओं से संचालित होती है।

पारित होने का प्रभाव

स्थगन प्रस्ताव में सरकार की निंदा का तत्व होता है, लेकिन इसके पारित होने पर सरकार को अनिवार्य रूप से त्यागपत्र नहीं देना पड़ता। इस दृष्टि से यह अविश्वास प्रस्ताव से भिन्न है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

  • विकल्प (b): मंत्रियों से सूचना प्राप्त करने का प्रमुख संसदीय साधन प्रश्नकाल है।

  • विकल्प (c): अनुदान की माँग में राशि की कटौती का प्रस्ताव कटौती प्रस्ताव कहलाता है। इसके तीन प्रकार—नीतिगत कटौती, मितव्ययिता कटौती और सांकेतिक कटौती—होते हैं।

  • विकल्प (d): सदस्यों के अनुचित व्यवहार के कारण अध्यक्ष सदन की बैठक स्थगित कर सकता है, लेकिन यह संसदीय ‘स्थगन प्रस्ताव’ नहीं है।

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