Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
संघ राज्य-क्षेत्रों का राज्य सभा में प्रतिनिधित्व नहीं होता।
निर्वाचन-विवादों का न्यायनिर्णयन करना मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अधिकारिता में है।
भारत के संविधान के अनुसार संसद में केवल लोक सभा और राज्य सभा समाविष्ट हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: D
Detailed Solution
तीनों कथन गलत हैं।
कथन 1 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 80(5) के अनुसार संघ राज्य-क्षेत्रों के प्रतिनिधि राज्यसभा में उस रीति से चुने जाते हैं जिसे संसद विधि द्वारा निर्धारित करे।
सभी संघ राज्य-क्षेत्रों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, लेकिन विधानसभा वाले कुछ संघ राज्य-क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व प्राप्त है। प्रश्न पूछे जाने के समय:
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के राज्यसभा में 3 प्रतिनिधि थे।
पुडुचेरी का राज्यसभा में 1 प्रतिनिधि था।
इसलिए यह कहना गलत है कि संघ राज्य-क्षेत्रों का राज्यसभा में बिल्कुल प्रतिनिधित्व नहीं होता। राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्य-क्षेत्रों को आवंटित स्थानों का विवरण संविधान की चौथी अनुसूची में दिया गया है।
कथन 2 गलत है। निर्वाचन-विवादों का न्यायनिर्णयन मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं करता।
संविधान के अनुच्छेद 329(b) तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार संसद अथवा राज्य विधानमंडल के चुनाव को केवल निर्धारित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत निर्वाचन याचिका द्वारा चुनौती दी जा सकती है। निर्वाचन याचिकाओं की सुनवाई संबंधित उच्च न्यायालय करता है और उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में अपील की जा सकती है।
निर्वाचन आयोग चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है, लेकिन वह निर्वाचन याचिकाओं का न्यायिक निर्णय करने वाला प्राधिकारी नहीं है।
हालाँकि, संविधान के अनुच्छेद 103 और 192 के अंतर्गत किसी वर्तमान सांसद या विधायक की कुछ अर्हता-समाप्ति संबंधी मामलों में राष्ट्रपति या राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करता है। इसे चुनाव परिणाम से संबंधित निर्वाचन-विवाद का न्यायनिर्णयन नहीं माना जाता।
कथन 3 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संघ के लिए एक संसद होगी, जो तीन घटकों से मिलकर बनेगी:
राष्ट्रपति
राज्यसभा
लोकसभा
राष्ट्रपति किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता, लेकिन वह संसद का अभिन्न अंग है। संसद से पारित सामान्य विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति के बिना कानून नहीं बन सकता। राष्ट्रपति संसद का सत्र बुलाता है, उसका सत्रावसान करता है और लोकसभा को भंग कर सकता है।
अतिरिक्त तथ्य
राज्यसभा एक स्थायी सदन है और उसका विघटन नहीं होता।
राज्यसभा के लगभग एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्राप्त है।
निर्वाचन आयोग चुनाव कराता है, जबकि चुनाव की वैधता पर न्यायिक निर्णय उच्च न्यायालय करता है।
अतः कोई भी कथन सही नहीं है।