Previous Year Question
भारत में लोक वित्त पर संसदीय नियंत्रण की निम्नलिखित में से कौन-सी विधियाँ हैं?
संसद के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत करना
विनियोग विधेयक पारित होने के बाद ही भारत की संचित निधि से धन निकालना
अनुपूरक अनुदानों और लेखानुदान के उपबंध
संसदीय बजट कार्यालय द्वारा सरकार के कार्यक्रमों की समष्टि-आर्थिक पूर्वानुमानों और व्यय के संदर्भ में आवधिक अथवा कम-से-कम मध्य-वर्षीय समीक्षा
संसद में वित्त विधेयक प्रस्तुत करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1, 2, 3 और 5
1, 2 और 4
3, 4 और 5
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: A
Detailed Solution
लोक वित्त पर संसदीय नियंत्रण का मूल सिद्धान्त यह है कि कार्यपालिका संसद की अनुमति के बिना कर नहीं लगा सकती और भारत की संचित निधि से धन व्यय नहीं कर सकती।
कथन 1 सही है। संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाता है। इसे वार्षिक वित्तीय विवरण कहा जाता है।
वार्षिक वित्तीय विवरण में संचित निधि पर भारित व्यय और अन्य व्यय को अलग-अलग दिखाया जाता है। राजस्व लेखे के व्यय को अन्य व्यय से भी पृथक किया जाता है।
कथन 2 सही है। अनुच्छेद 114(3) के अनुसार भारत की संचित निधि से कोई धन विधि द्वारा किए गए विनियोग के बिना नहीं निकाला जा सकता।
लोकसभा द्वारा अनुदानों की माँगों पर मतदान होने के बाद विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया जाता है। संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त करने के बाद यह विनियोग अधिनियम बनता है, जो संचित निधि से धन निकालने का विधिक प्राधिकार देता है।
कथन 3 सही है। संविधान में सामान्य बजटीय अनुदान के अतिरिक्त आवश्यक वित्तीय परिस्थितियों के लिए विशेष अनुदानों की व्यवस्था है।
अनुच्छेद 115: अनुपूरक, अतिरिक्त और अधिक अनुदान।
अनुच्छेद 116: लेखानुदान, प्रत्ययानुदान और अपवादानुदान।
लेखानुदान के माध्यम से वित्तीय वर्ष के एक भाग के लिए अग्रिम व्यय की अनुमति दी जाती है, जब पूर्ण बजट प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई हो।
कथन 4 गलत है। प्रश्न में उल्लिखित स्वतंत्र संसदीय बजट कार्यालय भारतीय संसदीय वित्तीय व्यवस्था का संवैधानिक या स्थापित अंग नहीं था। इसलिए उसके द्वारा अनिवार्य मध्य-वर्षीय समीक्षा संसदीय नियंत्रण की मान्य विधि नहीं थी।
सरकार की राजकोषीय स्थिति की समीक्षा वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत विवरणों तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत हो सकती है, लेकिन यह प्रश्न में बताए गए संसदीय बजट कार्यालय के समान नहीं है।
कथन 5 सही है। बजट में प्रस्तावित कराधान उपायों को लागू करने के लिए वित्त विधेयक संसद में प्रस्तुत किया जाता है। संसद की स्वीकृति के बिना नया कर नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि अनुच्छेद 265 के अनुसार विधि के प्राधिकार के बिना कोई कर न लगाया जाएगा और न एकत्र किया जाएगा।
संसदीय वित्तीय नियंत्रण के अन्य साधन
लोकसभा द्वारा अनुदानों की माँगों पर मतदान—अनुच्छेद 113।
कटौती प्रस्तावों के माध्यम से व्यय-नीतियों पर चर्चा।
लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति और सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति।
CAG की लेखापरीक्षा रिपोर्टों की संसदीय जाँच।
प्रश्नकाल, अल्पकालीन चर्चा और स्थायी समितियों द्वारा मंत्रालयों की अनुदान माँगों की जाँच।
अतः कथन 1, 2, 3 और 5 संसदीय नियंत्रण की विधियाँ हैं।