Previous Year Question
भारत के संदर्भ में, संसदीय शासन में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सिद्धान्त संस्थागत रूप से निहित है/हैं?
मंत्रिमंडल के सदस्य संसद के सदस्य होते हैं।
मंत्री तब तक पद धारण करते हैं जब तक उन्हें संसद का विश्वास प्राप्त होता है।
मंत्रिमंडल का अध्यक्ष राज्य का प्रधान होता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1 और 2
केवल 3
2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: A
Detailed Solution
कथन 1 सही है। संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका और विधायिका के बीच घनिष्ठ संबंध होता है। मंत्रिमंडल के सदस्य सामान्यतः संसद के किसी एक सदन के सदस्य होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार कोई व्यक्ति संसद का सदस्य न होते हुए भी मंत्री नियुक्त हो सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना आवश्यक है। ऐसा न होने पर छह महीने की अवधि समाप्त होते ही वह मंत्री नहीं रहेगा।
मंत्री का लोकसभा का सदस्य होना अनिवार्य नहीं है; वह राज्यसभा का सदस्य भी हो सकता है। प्रधानमंत्री भी संसद के किसी एक सदन का सदस्य हो सकता है।
कथन 2 सही है। संसदीय व्यवस्था में मंत्रिपरिषद तभी तक पद पर बनी रहती है, जब तक उसे लोकसभा का विश्वास प्राप्त रहता है।
प्रश्न में ‘संसद का विश्वास’ कहा गया है, लेकिन भारत में इसका व्यावहारिक और संवैधानिक अर्थ लोकसभा का विश्वास है। अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
कथन 3 गलत है। मंत्रिमंडल का अध्यक्ष राज्य का प्रधान अर्थात राष्ट्रपति नहीं होता। मंत्रिमंडल का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है।
राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक राष्ट्राध्यक्ष है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख और वास्तविक कार्यपालिका का नेतृत्वकर्ता है। राष्ट्रपति सामान्यतः प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करता है।
संसदीय शासन की प्रमुख विशेषताएँ
नाममात्र और वास्तविक कार्यपालिका का विभाजन—राष्ट्रपति नाममात्र तथा प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख।
कार्यपालिका और विधायिका के बीच घनिष्ठ संबंध।
मंत्रिपरिषद की लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व।
मंत्रियों की संसद में सदस्यता।
प्रधानमंत्री का नेतृत्व।
मंत्रिपरिषद की राजनीतिक एकरूपता और सामूहिक निर्णय।
लोकसभा का विश्वास खोने पर मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र।
मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर
मंत्रिपरिषद एक व्यापक निकाय है जिसमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री शामिल हो सकते हैं। मंत्रिमंडल मंत्रिपरिषद का छोटा और शक्तिशाली आंतरिक भाग है। महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय मुख्यतः मंत्रिमंडल द्वारा लिए जाते हैं और इसकी बैठकों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करता है।