Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
केन्द्र में मंत्रिपरिषद संसद के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी।
संघ के मंत्री भारत के राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेंगे।
प्रधानमंत्री विधि-निर्माण के प्रस्तावों के बारे में राष्ट्रपति को सूचित करेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है। संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार केन्द्रीय मंत्रिपरिषद संपूर्ण संसद के प्रति नहीं, बल्कि विशेष रूप से लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
संसद में राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा शामिल होते हैं। इसलिए ‘संसद के प्रति उत्तरदायी’ कहना तकनीकी रूप से सही नहीं है। राज्यसभा सरकार की नीतियों पर चर्चा कर सकती है, मंत्रियों से प्रश्न पूछ सकती है और निंदा प्रस्ताव पारित कर सकती है, लेकिन वह अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से मंत्रिपरिषद को पद से नहीं हटा सकती।
कथन 2 सही है। संविधान के अनुच्छेद 75(2) के अनुसार मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि राष्ट्रपति किसी मंत्री को अपनी व्यक्तिगत इच्छा से हटा सकता है। संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति सामान्यतः प्रधानमंत्री की सलाह पर किसी मंत्री की नियुक्ति अथवा पदच्युति करता है। यदि प्रधानमंत्री किसी मंत्री से त्यागपत्र माँगता है और वह त्यागपत्र नहीं देता, तो प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को उस मंत्री को पद से हटाने की सलाह दे सकता है।
कथन 3 सही है। संविधान का अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच संवैधानिक संचार से संबंधित है। प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रपति को संघ के प्रशासन और विधि-निर्माण के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों की जानकारी दे।
अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री के कर्तव्य
प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वह:
संघ के प्रशासन और विधि-निर्माण के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी निर्णय राष्ट्रपति को बताए।
राष्ट्रपति द्वारा माँगी गई संघ के प्रशासन और विधि-निर्माण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराए।
यदि राष्ट्रपति अपेक्षा करे, तो किसी मंत्री द्वारा लिए गए ऐसे निर्णय को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखे जिस पर मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है।
संबंधित संवैधानिक तथ्य
अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद होती है।
अनुच्छेद 75(1): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है।
अनुच्छेद 75(2): मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करते हैं।
अनुच्छेद 75(3): मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
अनुच्छेद 75(5): जो मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता, वह मंत्री नहीं रह सकता।
अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।