JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2013

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. राज्य सभा के सभापति और उपसभापति उस सदन के सदस्य नहीं होते।

  2. जहाँ संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्यों को राष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान का कोई अधिकार नहीं है, वहीं उनको उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान का अधिकार है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2

C.

1 और 2 दोनों

D.

न तो 1, न ही 2

Correct Answer: B

Detailed Solution

  • कथन 1 गलत है। राज्यसभा का सभापति उस सदन का सदस्य नहीं होता, लेकिन राज्यसभा का उपसभापति राज्यसभा के सदस्यों में से ही चुना जाता है।

    • संविधान के अनुच्छेद 64 और अनुच्छेद 89(1) के अनुसार भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। उपराष्ट्रपति संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं होता।

    • अनुच्छेद 89(2) के अनुसार राज्यसभा अपने सदस्यों में से किसी एक सदस्य को उपसभापति चुनती है। अतः उपसभापति राज्यसभा का सदस्य होता है।

    • अनुच्छेद 90 के अनुसार उपसभापति का पद रिक्त हो जाता है यदि वह राज्यसभा का सदस्य नहीं रहता, सभापति को त्यागपत्र दे देता है अथवा राज्यसभा उसे पद से हटाने का प्रस्ताव पारित कर देती है।

    • उपसभापति को हटाने वाले प्रस्ताव के लिए कम-से-कम 14 दिन की पूर्व सूचना और राज्यसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत की आवश्यकता होती है।

  • कथन 2 सही है। संसद के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान नहीं करते, लेकिन वे उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में मतदान करते हैं।

राष्ट्रपति का निर्वाचन

अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में शामिल होते हैं:

  • लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य।

  • राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।

इसमें संसद के मनोनीत सदस्य, राज्य विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य और राज्य विधान परिषदों के सदस्य शामिल नहीं होते।

उपराष्ट्रपति का निर्वाचन

अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य शामिल होते हैं:

  • लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य।

  • लोकसभा और राज्यसभा के मनोनीत सदस्य।

राज्यों की विधानसभाओं या विधान परिषदों के सदस्य उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग नहीं लेते। उपराष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत तथा गुप्त मतदान से होता है।

अतिरिक्त तथ्य

राज्यसभा का सभापति सदन का सदस्य न होते हुए भी सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करता है। अनुच्छेद 100 के अनुसार वह सामान्यतः प्रथम मत नहीं देता, लेकिन मतों की संख्या बराबर होने पर निर्णायक मत दे सकता है।

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