JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

POLITY · 2015

Previous Year Question

संघ सरकार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. राजस्व विभाग, संसद में प्रस्तुत किए जाने वाले केन्द्रीय बजट को तैयार करने के लिए उत्तरदायी है।

  2. भारत की संचित निधि से कोई धन संसद के प्राधिकार के बिना नहीं निकाला जा सकता।

  3. लोक लेखा से किए जाने वाले सभी संवितरणों के लिए भी भारत की संसद का प्राधिकार आवश्यक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1 और 2

B.

केवल 2 और 3

C.

केवल 2

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: C

Detailed Solution

  • कथन 1 गलत है। केन्द्रीय बजट तैयार करने का उत्तरदायित्व वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले बजट प्रभाग का है, न कि राजस्व विभाग का। राजस्व विभाग मुख्यतः प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संघीय करों के प्रशासन से संबंधित है। इसके अधीन CBDT और CBIC कार्य करते हैं।

  • कथन 2 सही है। संविधान के अनुच्छेद 266(3) के अनुसार भारत की संचित निधि से कोई धन संविधान में निर्धारित विधि और प्रयोजनों के अतिरिक्त नहीं निकाला जा सकता। अनुच्छेद 114(3) भी निर्धारित करता है कि संसद द्वारा पारित विनियोग कानून के बिना संचित निधि से धन नहीं निकाला जाएगा।

ध्यान रहे कि संचित निधि पर भारित व्यय पर लोकसभा मतदान नहीं करती, लेकिन उसे भी विनियोग विधेयक में सम्मिलित करना आवश्यक होता है।

  • कथन 3 गलत है। अनुच्छेद 266(2) के अंतर्गत लोक लेखा में वह सार्वजनिक धन रखा जाता है जो संचित निधि का भाग नहीं होता—जैसे भविष्य निधि, लघु बचत और विभिन्न जमा राशियाँ। इस धन पर सरकार स्वामी की अपेक्षा बैंकर या न्यासी की तरह कार्य करती है। इसलिए लोक लेखा से भुगतान के लिए संसद से विनियोग की आवश्यकता नहीं होती। फिर भी इसके लेखे CAG की लेखापरीक्षा और संसदीय वित्तीय निरीक्षण के अधीन रहते हैं।

अतिरिक्त तथ्य: अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक वित्तीय विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाता है। अनुच्छेद 267 के अंतर्गत भारत की आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति के नियंत्रण में रखी जाती है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.