Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
राज्य सभा को किसी धन विधेयक को अस्वीकार करने अथवा संशोधित करने की कोई शक्ति नहीं है।
राज्य सभा अनुदानों की माँगों पर मतदान नहीं कर सकती।
राज्य सभा वार्षिक वित्तीय विवरण पर चर्चा नहीं कर सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 सही है। अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक केवल लोक सभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। लोक सभा से पारित होने के बाद इसे राज्य सभा के पास उसकी सिफारिशों के लिए भेजा जाता है।
राज्य सभा:
धन विधेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती;
उसमें स्वयं संशोधन नहीं कर सकती;
केवल संशोधनों की सिफारिश कर सकती है; और
उसे 14 दिनों के भीतर लोक सभा को लौटाना होता है।
लोक सभा राज्य सभा की सभी या किसी भी सिफारिश को स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकती है। यदि राज्य सभा 14 दिनों में विधेयक नहीं लौटाती, तो वह उसी रूप में दोनों सदनों से पारित माना जाता है जिस रूप में लोक सभा ने उसे पारित किया था।
कथन 2 सही है। अनुच्छेद 113(2) के अनुसार अनुदानों की माँगें केवल लोक सभा के समक्ष प्रस्तुत की जाती हैं। लोक सभा किसी माँग को स्वीकार, अस्वीकार अथवा उसकी राशि कम करके स्वीकार कर सकती है। राज्य सभा इन माँगों पर चर्चा कर सकती है, लेकिन मतदान नहीं कर सकती और न ही कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।
संचित निधि पर भारित व्यय संसद के किसी भी सदन में मतदान के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाता, यद्यपि दोनों सदन उस पर चर्चा कर सकते हैं।
कथन 3 गलत है। अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष का वार्षिक वित्तीय विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाता है। अतः राज्य सभा केंद्रीय बजट और वार्षिक वित्तीय विवरण पर सामान्य चर्चा कर सकती है। उसका प्रतिबंध अनुदानों की माँगों पर मतदान तक सीमित है, चर्चा पर नहीं।
इस प्रकार राज्य सभा की वित्तीय शक्तियों की स्थिति है:
धन विधेयक पर केवल सिफारिश कर सकती है।
अनुदानों की माँगों पर मतदान नहीं कर सकती।
वार्षिक वित्तीय विवरण पर चर्चा कर सकती है।
वित्त विधेयक, जो पूरी तरह अनुच्छेद 110 के विषयों तक सीमित नहीं है, उसके संबंध में राज्य सभा को सामान्यतः साधारण विधेयक जैसी शक्ति प्राप्त होती है।